Prakash Kumar Pandey
सहारनपुर/ उत्तर प्रदेश.पूरे देश में लॉक डाउन चालू है. इसी बीच में देश के विभिन्न हिस्सों से तस्वीरें सामने आती हैं जहां पुलिस कभी किसी से उठक बैठक लगवा रही है, कभी किसी को मुर्गा बना रही है, कभी किसी को दंड बैठक लगवा रही है, कभी किसी से सपाट लगवा रही है या फिर कभी-कभी लाठिया रही है. कुल मिलाकर कहें तो आम आदमी आज पुलिस की इस छवि को नकारात्मक रूप में देखता है.
इसी बीच पुलिसिंग की एक ऐसी तस्वीर भी सामने आई है जो आपको और आपकी विचारधारा को सोचने के लिए मजबूर कर देगी. सहारनपुर नगर के जनकपुरी थाना क्षेत्र में कोरोना के कारण लॉक डाउन के चलते भूख से कुछ लोग बिलख रहे थे दर-दर भटकने के बाद भी भोजन की व्यवस्था नहीं हो सकी.
रेलवे स्टेशन से लेकर बस स्टैंड तक के क्षेत्र में भूख से बिलखते गरीब भिखारियों की पीड़ा देखकर थाना जनकपुरी प्रभारी अभिषेक सिरोही उन्हें भोजन कराने का निश्चय किया. स्टाफ की सहायता से थाने के अंदर सैकड़ों डिब्बे खाने के पैक कराकर क्षेत्र के सड़क किनारे पड़े भिखारियों को और गरीबों को खाना खिलाया. जिनकी शुध लेने के लिए भी कोई तैयार नहीं होता है ऐसे लोगों को खाना खिलाना चर्चा का विषय बन गयी. थाना प्रभारी अभिषेक सिरोही ने अपने प्रयासों पर संतोष जताया और सभी लोगों से अपील की कि अपने आसपास के क्षेत्रों में किसी को भी भूखा ना रहने दें. यदि आप सक्षम हैं तो ऐसे लोगों की मदद जरूर करें जिनको मदद की बहुत सख्त जरूरत है.
पुलिस के प्रति नकारात्मक सोच वालों के लिए यह एक सकारात्मक सोच हो सकती है. पुलिस अगर सख्ती बरत रही है तो सिर्फ आपके लिए आपके परिवार के लिए.

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