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बोल वचन खास

Opinion: नोटों का इस्तेमाल भी ज़रा संभलकर, हो सकता है नुकसान, जानिए कैसे?

नोटों का इस्तेमाल भी आप को पहुंचा सकता है मौत के मुंह मैं…..

Shadab jafar shadab

क्या हमारे देश की कीटाणु युक्त करेंसी कोरोना वॉयरस को एक महामारी नहीं बना सकती, कोरोना वायरस सहायक है देश की करेंसी. इस वक़्त देश में ‌लगभग 133 लोग कोरोना वायरस पीड़ित हैं, तीन लोगों की मौत हो चुकी है और 13 लोगो को कोरोना वॉयरस से हमारी स्वस्थ सेवाओं के माध्यमों से डाक्टरो ने बचा लिया गया है. कोरोना के खौफ से हमारी सरकार ने एयरपोर्ट, सिनेमा हाल , स्कूल,मॉल, रेस्टोरेंट आदि बंद कर दिये है पर मुझे लगता है की एक रास्ता बेहद चौड़ा और खुला रह रहा है जिससे प्रवेश कर करोना बेहद घातक हो सकता है और देश महामारी की चपेट में आ सकता है. हमारी सरकार को इस पर गंभीरता से विचार और प्रचार करना चाहिए.
आज भी हमारे देश के अधिकतर शहरों, कस्बों या गांवों में लोग खाने से पहले या बाद में जब हाथ धोते हैं तो वे यही समझते हैं कि हाथ धोने के लिए सिर्फ पानी काफी है. कई लोग आज भी सिर्फ पानी से हाथ धोकर यह समझ लेते हैं कि उनका गंदा हाथ साफ हो गया और कीटाणु खत्म हो गए. मगर ऐसा होता नहीं. हाथ-धोने के लिए साबुन का इस्तेमाल कहीं बेहतर और असरदार होता है. सिर्फ पानी से हाथ धोने पर कीटाणु हमारे हाथों पर लगे रह जाते हैं और ये शरीर के लिए नुकसानदायक होते हैं. साबुन से हाथ धोना अच्छी आदत है और इसे अपनी रोज की आदतों में शामिल करना चाहिए. मगर दुर्भाग्य से बच्चे ही नहीं, बड़े भी इस पर ध्यान नहीं देते. हमारे देश में जो कागज़ की करेंसी चलन मैं है वो दिन भर ना जाने कितने लोगों के हाथों में जाती और आती है. इस वक़्त पूरी दुनिया कोरोना वॉयरस से पीड़ित और दहशत मैं हैं.पूरी दुनिया में रिसर्च हो रहे कि इस बीमारी से पीड़ित और पीड़ित होने वाले लोगों को कैसे बचाया जाये. चाईना , ईरान , ईटली, बुसान, कुवैत ,सऊदी अरब, पाकिस्तान ,भारत में कई जाने जा चुकी है. हवाई अड्डे, स्कूल, मॉल, सिनेमा हॉल बंद कर उपरोक्त देश आर्थिक मंदी की मार झेल रहे हैं, विदेशी पर्यटन उद्योग और व्यापार कोरोना ने पूरी तरह तहस नहस कर के रख दिया है.
ऐसे में हमें कीटाणु युक्त इन नोटों के इस्तेमाल पर बेहद सचेत , संवेदनशील होना होगा. कुछ लोग अपनी आदत के अनुसार नोट मुंह से थूक लेकर गिनते है जो आज आप के स्वस्थ के लिए बेहद घातक होने के साथ ही जानलेवा भी साबित हो सकता है. नोट कहां कहां गया है और किस किस के संपर्क में आया कोई मशीन कोई टेस्ट आप को नहीं बता सकता, ये कोरोना संक्रमग पीड़ित व्यक्ति के हाथों से होकर कब आप के हाथों में आ जाये कहा नहीं जा सकता.
ऐसे में हम कम क्या करें जिस से हम बच सके. सब से पहले कोशिश करे की नोटों को कम से कम अपने हाथों में न लें. दूसरे हम साबुन और हेंडवाश का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें. क्योंकि साबुन से हाथ धोने के बाद हम कई बीमारियों से बच सकते हैं. इस बात को हम अच्छी तरह जानते हैं. सरकार हमे विज्ञापनों द्वारा सचेत कर रही है पर हम जानते हुए भी सिर्फ पानी से ही हाथ धोते हैं, यहां तक कि शौच जाने के बाद भी साबुन या हेंडवाश का प्रयोग नहीं करते. हम लोगों के हाथों में कीटाणु कई तरह से फैलते हैं जैसे गंदी सतहों के संपर्क मैं आने से, हाथ बिना धो कर खाने से, कम्प्युटर के इस्तेमाल से और नोटों के संपर्क में आने से. अगर आप अपने हाथ साबुन से साफ नहीं करते तो आप अपने हाथ से शरीर का कोई भी अंग छुएंगे जैसे आंख, नाक और मुंह, वहां कीटाणु से नुकसान पहुंच सकता है. हाथ न धोने पर आप दूसरों को भी संक्रमित कर सकते हैं. गंदे हाथों से फैलती बीमारियां-कीटाणु भरे हाथ से सबसे ज्यादा खतरा खांसी और जुकाम का होता हैं. जब आप कीटाणु वाले हाथों से दूसरे से हाथ मिलाते हैं तो उसे भी खांसी-जुकाम होने के साथ ही करोना संक्रमण का खतरा बढ़ा देते हैं.
खांसी जुकाम के साथ फ्लू होने का भी खतरा होता है. पेट की कई बीमारियों की वजह यही है. खतरनाक बीमारी जैसे डायरिया भी ठीक से हाथ न धोने की वजह से होती है. कुछ जो फ्लू से पीडि़त होते हैं खासकर बुजुर्ग लोग (और वैसे लोग जिन्हें कुछ जटिल बीमारियां हैं), निमोनिया के शिकार हो सकते हैं. इन बीमारियों से बचने का सबसे बढिय़ा और सस्ता तरीका है अपने दोनों हाथ को साबुन से धोया जाए. साबुन के इस्तेमाल से हाथो में मौजूद गंभीर वायरस और गंदगी निकल जाती है जो कीटाणु युक्त होते हैं और जिनकी वजह से बीमारियां फैलती हैं. हाथ धोने का बेहतर तरीका है बेहतर साबुन और बेहतर लिक्विड सोप. हाथ धोने के बाद कीटाणु दूर हो जाते हैं. हाथों में भीनी-महक भी अच्छी लगती है. यही वजह है कि विश्व भर में ‘ग्लोबल हैंड वाशिंग- डे’ मनाया जाता है ताकि लोगों को हाथ धोने के प्रति जागरूक किया जा सके. इससे लोगों के स्वास्थ्य में सुधार कर उन्हें कई बीमारियों से बचाया जा सकता है. बच्चों को शुरू से हाथ धोने का तरीका और महत्व बताया जाना चाहिए ताकि वे देश मैं फैल रही महामारी कोरोना जैसी गंभीर बीमारी से बच सकें. ठीक से हाथ न धोने के कारण कई बार दूसरी बीमारियां जैसे डायरिया,बुखार, आंखों की समस्या जैसे ट्रैकोमा और त्वचा के संक्रमण जैसे इमपेटिगो भी हो सकते हैं.

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Prakash Pandey

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