गोरखपुर. सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ अक्सर अपने अलग-अलग कार्यों की वजह से चर्चा में रहते हैं. चाहे वह हिंसा की रकम वसूली हो या फिर कोई कठोर फैसला लेना हो, प्रबल इच्छाशक्ति के धनी मुख्यमंत्री महत्वपूर्ण फैसले लेने से और उनको बेबाकी से कहने से चूकते नहीं हैं.
योगी आदित्यनाथ आज फिर चर्चा में हैं.अपने 3 साल पूरे करने के लिए नहीं बल्कि अखिलेश यादव की मदद के लिए. दरअसल, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद के भाजपा के पुराने कार्यकर्ता अखिलेश यादव की बेटी की शादी 17 मई को होनी है. कुछ दिनों पहले अखिलेश यादव ने सीएम योगी को मिलकर बेटी के विवाह में आने का निमंत्रण दिया था. मुख्यमंत्री भली भांति से परिचित अखिलेश की बेटी की शादी में आने को तैयार हुए, जिसके बाद अखिलेश यादव की खुशी का ठिकाना नहीं रहा.
अखिलेश यादव 25 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी के महत्वपूर्ण कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं.
जब रोने लगे अखिलेश यादव
अखिलेश यादव के जीवन में सोमवार का दिन टर्निंग प्वाइंट के रूप में था जब जिलाधिकारी कार्यालय से उनके पास संदेश आया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव की बेटी की शादी के लिए ₹200000 की आर्थिक सहायता निर्धन योजना के तहत प्रदान की जिसका चेक विधायक विपिन सिंह उनको सौंपेंगे. मुख्यमंत्री के इस व्यवहार से अखिलेश की आंखें भरी आई और पूरा परिवार सीएम का गुणगान करते हुए नहीं थक रहा है. आर्थिक रूप से कमजोर अखिलेश के लिए यह बहुत बड़ी रकम थी. खेती करते हुए पार्टी के प्रति समर्पण और सीएम के प्रति उनकी भावना का उनको बखूबी इनाम मिला है.


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