लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना को लेकर कमर कस रखी है. प्रदेश की योगी सरकार किसी भी तरह से चूक नही चाहती, यही कारण है कि योगी सरकार ने प्रदेश के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए सभी शिक्षण संस्थान 2 अप्रैल तक बंद कर दिया है और परीक्षायें रद्द कर दी हैं.
आज प्रदेश सरकार की ओर से प्रेस से रूबरू होकर यह जानकारी साझा की गई. कल केंद्र की मोदी सरकार ने पूरे देश के शिक्षण संस्थानों, मॉल, कॉम्प्लेक्स, आदि पर 31 मार्च तक रोक लगा दी थी इतना ही नहीं केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह भी दी थी. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार ने 2 अप्रैल तक सभी तरह के संस्थानों को बंद रखने और परीक्षाएं परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया साथ ही सरकारी कर्मचारियों को घर से ही काम करने की छूट भी दी.
आज मंगलवार को सुबह के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.
कैबिनेट के खास फैसले जो प्रभावित करेंगे आपको
- सरकारी कार्यालयों में भीड़ को देखते हुए कर्मचारियों को घर से काम करने की व्यवस्था सुनिश्चित करना
- पीड़ित लोगों को निशुल्क इलाज उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है. इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है.
- सभी परीक्षाओं, और प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है.
- स्कूल, कॉलेज विश्वविद्यालय सभी को आगे बढ़ाते हुए 2 अप्रैल तक बंद कर कर दिया गया है.
- सभी प्रकार के धरना, प्रदर्शन पर रोक लगा दी गयी है.
आदेश के 100 फ़ीसद अनुपालन के लिए कहा गया है. - सभी पर्यटन स्थल 31 मार्च तक बंद रहेंगे.
- भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गयी है.
- तहसील दिवस और जनता दर्शन 2 अप्रैल तक बंद कर दिया गया है.
- बन्दी के चलते रोजमर्रा के काम करने वालों के भरण पोषण के लिये वित्त मंत्री की कमेटी को तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है.
- मज़दूरी करने वालो कनखते में सरकार कुछ धनराशि जमा करवायेगी.
- संक्रामक रोगों की निगरानी के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश सरकार ने दिए हैं मास्क व सैनिटाइजर की कालाबाजारी जमाखोरी रोकने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को एक्टिव किया गया है. साथ ही कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
- जगह-जगह पोस्टर लगाकर कोरोना को लेकर जागरूक किया जा रहा है.



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