Surat/ Gujrat. सास बहू के झगड़े अक्सर सुने जाते हैं. पटरी ना खाने की यह परंपरा हमेशा चर्चाओं में बनी रहती है. कहीं सास तो कहीं बहू रिश्ते को लेकर परेशान रहती हैं. लेकिन आज जो खबर हम आपको बता रहे हैं वह सास बहू के अनोखे रिश्ते की मिसाल है. जहां सास की अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए बहू ने समाज विरोधी फैसला किया. बहू के इस फैसले से पहले समाज के लोगों ने विरोध किया लेकिन वास्तविकता जानने के बाद जमकर सराहना की और रोने लगे.
दरअसल, मामला सूरत के अडाजण का है. गंगेश्वर महादेव मंदिर के पीछे शिवाजी कांप्लेक्स में के नजदीक अर्चन अपार्टमेंट में रहने वाली धनकुंवर बेन का 6 मार्च को देहांत हो गया था. धनकुंवर बेन चाहती थी कि उनकी अर्थी को उनके बेटे की बजाए बहु कंधा दे. पेशे से फाइनेंसियल एडवाइजर बहु मीनाक्षी बेन ने सास की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए कंधा देने का फैसला लिया. बहू के द्वारा सास को अर्थी को कंधा देने पर लोगों को हैरानी हुई लेकिन जब मीनाक्षी बेन के पति और मृतका के बेटे बलवंत भाई मिस्त्री ने बताया की सास बहू में अटूट रिश्ता था और दोनों एक दूसरे के बहुत करीब थी. इसके बाद मौके पर मौजूद लोग रोने लगे और बहू की जमकर सराहना करने लगे. देवर के साथ सास को कंधा देते हुए मीनाक्षी रो रही थी. मीनाक्षी ने बताया कि उनकी सास क्रिया कर्म के फिजूल खर्च के खिलाफ थी. वह हमेशा कहती थी कि पैसे जरूरतमंदों पर खर्च करना. उनकी आखिरी इच्छा उनकी पसंद की साड़ी में विदा किए जाने की थी. मीनाक्षी ने बताया कि उनके ससुर की 2004 में मृत्यु हो गई थी. तब भी अंतिम संस्कार सामान्य तरीके से किया गया था. बहू की इस भावात्मक रिश्ते को देखकर हर कोई सास बहू के रिश्ते का उदाहरण दे रहा था.

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