भुवनेश्वर/ ओडिशा. कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अपने अपने तरीके से सभी देश निपटने के प्रयास कर रहे हैं. कोरोना के कहर से केवल18 देश ऐसे हैं जो अभी तक सुरक्षित हैं. हिंदुस्तान की सरकार से लेकर सभी राज्य इस दिशा में काम कर रहे हैं. लेकिन ओडिशा की कार्यशैली की न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में जमकर तारीफ हो रही है.
पटनायक सरकार बना रही है डॉक्टर्स आर्मी
ओडिशा ने अमेरिका और अन्य देशों के केसों का अध्ययन कर सबसे बड़ी कमी मेडिकल स्टाफ की मानी और उसपर काम करना शुरू कर दिया. अब नवीन पटनायक की सरकार एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्रों को कोरोना से निपटने की ट्रेनिंग दे रही है. इससे पहले ओडिशा वह पहला राज्य था जहां 3 हॉस्पिटल कोरोना के इलाज के लिए बनाए गए थे. ओडिशा सरकार छात्रों को ऑनलाइन ट्रेनिंग दे रही है जिसे भारत सरकार का साथ मिला है. भारत सरकार ने 500 छात्रों की ऑनलाइन ट्रेनिंग की अनुमति ओडिशा सरकार को दे दी है.
मामले बढ़ने की स्थिति में ऐसे निपटेगी ओड़िशा सरकार
- राज्य में कोरोना के मामले बढ़ने पर आपातकाल की स्थिति से निपटने के लिए पैरामेडिक्स नर्सों को रिज़र्व में रखा गया है. सरकार ने योग्य विशेषज्ञों, रिटायर डॉक्टरों को तीन महीने की अवधि के लिए रखने हेतु अधिसूचना जारी कर दी है.
- सरकार 8000 डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों, फार्मासिस्टों, स्वास्थ्य कर्मचारियों को तैनात करने की दिशा मे काम कर रही है. हाल ही में सरकार ने 1039 मेडिकल स्नातकों की भर्ती की है.
- ओडिशा में1285 आयुष डॉक्टरों के अलावा 10425 एमबीबीएस डॉक्टरों और डेंटिस्ट की मंजूरी दी है. फ़िलवक्त 7564 डॉक्टर और डेंटिस्ट के साथ 794 आयुष डॉक्टर अलग अलग स्थानों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
- भुवनेश्वर में दो और राउरकेला में एक अस्पताल समेत कुल तीन अस्पताल सरकार ने तैयार किये हैं.
- राउरकेला में 200 बेड और 10 आईसीयू बेड की व्यवस्था को अंजाम दिया गया है. जबकि भुवनेश्वर के दोनों अस्पताल में 500-500 बेड की व्यवस्था है. सभी अस्पताल 10 अप्रैल से शुरू हो जायेंगे.
- इसके अलावा एम्स भुवनेश्वर में भी कोविड-19 से निपटने को 206 बेड का अलग वार्ड बनाया गया है.जबकि आयुष विभाग में आइसोलेशन के लिए 20 बेड और 10 आईसीयू की व्यवस्था की गई है.
- ओडिशा में अभी तक 20 मामले सामने आए हैं जबकि देश मे 3100 के करीब मामले हो गए हैं.


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