सहारनपुर/ उत्तर प्रदेश. रामपुर में क्वॉरेंटाइन किए गए जमातीयों के द्वारा खाने में नॉनवेज की मांग और परिसर में शौच की खबर का सहारनपुर पुलिस ने खंडन किया है. पुलिस ने जांच के बाद मीडिया और पुलिस के संपर्क को लेकर बनाये गए ग्रुप में इसकी आधिकारिक पोस्ट को डाला है. अब यह पोस्ट सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है.
‘खबर बनाम सच’ के शीर्षक से पुलिस की सोशल मीडिया सेल सहारनपुर ने एक पत्र साझा किया है. पत्र में कहा गया है कि
“अवगत कराना है कि विभिन्न समाचार पत्रों, न्यूज़ चैनलों एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित की जा रही खबर “क्वॉरेंटाइन किए गए जमातियों ने खाने में नॉनवेज ना मिलने पर किया जमकर हंगामा, जमातियों ने खुले में ही कर डाली शौच” की सत्यता की जांच व आवश्यक कार्यवाही करने हेतु थाना प्रभारी रामपुर मनिहारान को निर्देश दिए गए थे. जिनके द्वारा जांच की गई तो जांच में विभिन्न समाचार पत्रों, न्यूज़ चैनलों एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित की जा रही उक्त खबर पूर्ण रूप से गलत एवं असत्य पाई गई. अतः सहारनपुर पुलिस उक्त प्रकाशित खबर का पूर्णतया खंडन करती है.
गौरतलब है कि रामपुर मनिहारान क्षेत्र में जमातियों को कोरोना वायरस की शंका के मद्देनजर क्वॉरेंटाइन किया गया है. कल से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ समाचार पत्रों और न्यूज चैनलों के हवाले से जमातियों के द्वारा दुर्व्यवहार की खबर वायरल हो रही थी. नॉनवेज ना मिलने पर हंगामे और शौच की खबर ने प्रशासन से लेकर आम जनता को हिला कर रख दिया था. लेकिन पुलिस ने मामले को जांच कर पटाक्षेप कर दिया है और खबर का खंडन भी कर दिया है.
ऐसे में सवाल उठता है कि बिना आधिकारिक पुष्टि के संवेदनशील मामलों को पोस्ट कर आखिर क्या हासिल होगा? सहारनपुर जिला प्रशासन ने मुस्तैदी के साथ कोरोना से लडाई जारी रखी है लेकिन अपुष्ट खबरें प्रशाशनिक मेहनत पर पानी फेर रही हैं.

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