लखनऊ. कोरोनावायरस के प्रभाव के चलते पूरे देश में 21 दिन का लॉक डाउन है जिसकी अवधि 14 तारीख को पूरी हो रही है. इस बीच में लोग अपने-अपने नजरिए से कयास लगा रहे हैं. लॉक डाउन को लेकर योगी आदित्यनाथ लगातार अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे हैं और जरूरी निर्देश जारी कर रहे हैं. सीएम ने एक समीक्षा बैठक के दौरान लॉक डाउन के खुलने संबंधी जरूरी संकेत दिए.शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर अपनी टीम के साथ जरूरी बैठक करते हुए योगी आदित्यनाथ ने लॉक डाउन खुलने के बाद के हालात को चुनौतीपूर्ण माना है. उन्होंने कहा कि जो जहां फंसा है वहां से आने का प्रयास करेगा, ऐसे में लॉक डाउन का पालन कराना बेहद चुनौतीपूर्ण रहेगा. उन्होंने अपनी टीम के साथ चर्चा में इसके लिए प्लान करने का निर्देश दिया है.
सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने हर जरूरतमंद तक भोजन समय से पहुंचाने के लिए समाजसेवी और स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद लेने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. उन्होंने संबंधित जिलों के डीएम से कॉर्डिनेट कर आंगनवाड़ी का पौष्टिक आहार भी घर-घर तक पहुंचाने को कहा है. सभी से फीडबैक लेने के बाद सीएम ने लॉक डाउन के बाद की स्थिति को गंभीरता पूर्ण तरीके से लेने के लिए कहा है.
कम्यूनिटी किचन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कम्युनिटी किचन पर जोर देते हुए कहा है कि हमें दो स्तर पर तैयारी करनी होगी. इसके लिए स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद ली जाए साथ ही जो लोग स्वेच्छा से सहयोग करना चाह रहे हैं उनकी मदद को भी लिया जाए. लोगों के द्वारा खुद से भोजन बांटने पर योगी आदित्यनाथ ने कलेक्शन सेंटर बनाने के लिए कहा और अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी व्यक्ति सीधे भोजन ना बांटे. कलेक्शन सेंटर पर लाकर दे जहां एकत्र कर अधिकारी आगे भोजन को वितरित कराएं.
विशेषज्ञ डॉक्टरों की सूची बनाने के निर्देश
योगी आदित्यनाथ ने एनेस्थीसिया, फिजीशियन बच्चों और महिलाओं के डॉक्टरों को ट्रेंड करने की बात कही है. उन्होंने ऐसे डॉक्टरों की सूची मांगी है जो संबंधित मामलों में विशेषज्ञ हैं. उन्होंने पैरामेडिकल स्टाफ, आयुष विभाग के चिकित्सकों और उनके स्टाफ के साथ डॉक्टरों को भी ट्रेनिंग देने की बात कही है. उन्होंने आवश्यकता पर प्राइवेट अस्पतालों से वेंटिलेटर की उपलब्धता पर भी सूची तैयार करने को कहा है.
प्रदेश में बनेगा कोरोना केयर फंड
आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कोरोना केयर फंड तैयार करने की बात की है. उन्होंने कहा कि टेस्टिंग लैब की सुविधाएं बढ़ाने के साथ जरूरी उपकरणों जैसे वेंटिलेटर, मास्क, सैनिटाइजर आदि की व्यवस्था हेतु तकरीबन 1000 करोड़ का केयर फंड बनाया जाएगा. सरकार ने कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत औद्योगिक घरानों की मदद लेने की ओर भी इशारा किया है. उन्होंने सभी 24 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश में अपनी टीम को दिए हैं.
दुर्व्यवहार करने वाले जाएंगे जेल
गाजियाबाद में तबलीगी जमात के लोगों की महिला स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अभद्रता और अश्लीलता को सरकार ने गंभीर मुद्दा माना है और ऐसे लोगों के खिलाफ मुकदमा लिख इन्हें जेल भेजने की बात कही है. मुख्यमंत्री ने कहा, “यह तो तय है कि यह सभी लोग ना कानून को मानेंगे ना व्यवस्था को” ऐसे में ऐसे लोगों के साथ सख्ती से कानून का पालन करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि हम उत्तर प्रदेश को इंदौर नहीं बनने देंगे. अब अभद्र व्यवहार वालों को रासुका के तहत जेल भेजने का निर्देश भी संबंधित टीम को मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया है.
मुख्यमंत्री की बैठक और उसमें कहे गए शब्दों के अनुसार 14 तारीख के बाद भी पुलिसिया सख्ती और सोशल डिस्टेंसिंग दिखाई दे सकती है.

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