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Fight Against Corona: दिया, मोमबत्ती जरुर जलाएं लेकिन उससे पहले यह खबर जरूर पढ़ लें

कोरोना के खिलाफ जनता कर्फ्यू के बाद से चल रहे लॉक डाउन के बीच आज फिर दीए जलाकर सामूहिक शक्ति को प्रदर्शित करने का मौका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर देश आज रात 9:00 बजे 9 मिनट तक अपने घर के बाहर खड़े होकर दहलीज पर दिए मोमबत्ती या फिर मोबाइल का टॉर्च जलाकर कोरोना के खिलाफ जंग में अपनी शक्ति को प्रदर्शित करेगा. इससे पहले थाली बजाकर कोरोना वरियर्स को उत्साह बढ़ाने की प्रक्रिया की गई थी. आज उसी में दो कदम आगे बढ़ते हुए दिए जलाना है.आप भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का पालन जरूर कीजिए लेकिन उसके साथ ही कुछ बातों का विशेष ध्यान रखिएगा.

दिए जलाने से पहले सरकार और सेना ने लोगों को किया आगाह

आज जब आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के पालन में दीए जलाएं तो हाथ साबुन से जरूर धोएं. सैनिटाइजर का प्रयोग बिल्कुल ना करें. इस बाबत सेना ने और सरकार ने लोगों से अपील की है.

भीड़ इकट्ठी ना करें

दीया जलाते समय समूह में इकट्ठा ना हो. 11 मिनट के वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी ने भी जनता से यही अपील की थी. दिए जलाते समय भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूर करें. दिये अपने घर या बालकनी के आगे ही जलाएं और अपनी एकता को प्रदर्शित करें.

पीआईबी ने अल्कोहल वाले सैनिटाइजर से बचने की सलाह दी

प्रेस इनफॉरमेशन ब्यूरो के प्रधान निदेशक केएस धतवालिया ने रविवार को मीडिया से बात करते हुए लोगों से अपील की कि वह मोमबत्तियां, दिया जलाने से पहले अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजरों का इस्तेमाल ना करें. कोरोना वायरस के खौफ के चलते आजकल हैंड सेनीटाइजर का प्रयोग ज्यादा हो रहा है. यूजर बिना सावधानियों को अपनाए सैनिटाइजर का धड़ल्ले से उपयोग कर रहे हैं. सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के अनुसार लोगों को अल्कोहल बेस्ट हैंड सेनीटाइजर यूज करने चाहिए जिनमें कम से कम 60% एल्कोहल होना चाहिए. 60% एल्कोहल के चलते सैनिटाइजर बेहद ज्वलनशील होते हैं ऐसे में आग जलाते समय पहले हाथ साबुन से धो लेने चाहिए.

क्या कहते हैं डॉक्टर

सैनिटाइजर को लेकर डॉक्टरों ने भी अपनी सलाह जारी की है. डॉक्टर्स के अनुसार रसोई गैस, लाइटर, माचिस आदि के पास सैनिटाइजर प्रयोग करके नहीं जाना चाहिए. यदि आप सैनिटाइजर प्रयोग करते हैं तो उसे सूख जाने दीजिए. दीया, मोमबत्ती जलाने से पहले हाथ अच्छी तरह से साबुन से धो लीजिए.

प्रधानमंत्री मोदी के संदेश के मायने

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से 5 अप्रैल रात 9:00 बजे 9 मिनट तक अपने घरों के सामने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए दीया, मोमबत्ती या फिर मोबाइल की टॉर्च जलाने की अपील की है. इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं. इसको कैसे करना है इस पर भी चर्चाएं हैं. प्रक्रिया को करने के लिए कुछ बिंदुओं का अनुसरण किया जा सकता है जैसे-
दीप जलाने का मकसद- करुणा को हराने के लिए प्रकाश के तेज को चारों और फैलाना. कोई अकेला नहीं है इस भाव को विकसित करना और लोगों को बताना कि इस महामारी में सब एक दूसरे के साथ मिलकर सशक्ति के साथ खड़े हैं.
क्या करना चाहिए-घरों की दहलीज पर दिया या मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाएं कुछ पल अकेले में मां भारती का स्मरण करें.
क्या ना करें- घर से बाहर बिल्कुल नहीं जाइए. सोशल डिस्टेंसिंग की लक्ष्मण रेखा ना तोड़े.कोरोना की चेन तोड़ने का यही इलाज है.