मुंबई. प्रवासी मजदूरों को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद जैसी उम्मीद जताई जा रही थी वैसे ही परिणाम आने शुरू हो गए. सबसे पहली प्रतिक्रिया उत्तर भारतीयों के मुखर विरोधी रहे महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने दी है. राज ठाकरे ने कहा कि अगर यूपी के श्रमिक महाराष्ट्र कर काम करना चाहेंगे तो उन्हें भी पहले महाराष्ट्र सरकार से अनुमति लेनी होगी.
मनसे प्रमुख राज ठाकरे कहा कि अगर योगी आदित्यनाथ इस बात पर जोर दे रहे हैं कि उत्तर प्रदेश के लोगों को काम देने के लिए अनुमति लेनी होगी तो उन्हें भी काम करने के लिए महाराष्ट्र सरकार से अनुमति लेनी होगी. महाराष्ट्र सरकार को इस तरह की बातों को गंभीरता से लेना चाहिए. कोई भी कर्मी जो यहां काम करने के लिए आएंगे उन्हें सरकार के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन के पास भी पंजीकरण कराना चाहिए. इन श्रमिकों को अपने दस्तावेज और तस्वीरें भी यहां जमा करने के लिए सरकार को गंभीरता से यह काम करना होगा.”
मनसे प्रमुख का यह बयान रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद आया है. योगी आदित्यनाथ में रविवार को प्रवासी मजदूरों को लेकर आयोग के गठन का ऐलान करते हुए कहा था कि
“यदि दूसरे प्रदेश के लोग चाहते हैं कि प्रवासी कामगार उनके यहां वापस आए तो इसके लिए उन्हें राज्य सरकार से अनुमति लेनी होगी और उन कामगारों के सामाजिक, कानूनी और आर्थिक अधिकार सुनिश्चित करने होंगे.” लॉक डाउन में श्रमिकों का उचित तरीके से ध्यान नहीं रखा और उनके साथ गलत व्यवहार किया गया.”
इसके बाद से ही माना जा रहा था कि बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आएगी और यह शुरू भी हो गया.
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