COVID-19 Live Update

Global Total
Last update on:
Cases

Deaths

Recovered

Active

Cases Today

Deaths Today

Critical

Affected Countries

Total in India
Last update on:
Cases

Deaths

Recovered

Active

Cases Today

Deaths Today

Critical

Cases Per Million

टॉप न्यूज़

Lock Down: फ़ीस को अवैध मान विरोध हुआ तेज़, हाइकोर्ट जाने की तैयारी में ‘गार्जियंस राइट्स’

अवैध फीस वसूली के विरुद्ध ‘गार्जियंस राइट्स’ उच्च न्यायालय जाएगा: संकल्प नैब

एनसीईआरटी की गुणवत्ता युक्त शिक्षा पुस्तको की अनिवार्यता हो सुनिश्चित

एनसीईआरटी की ई-बुक्स नेट पर उपलब्ध तो किताबों की खरीद का दबाव क्यों??

सहारनपुर 30 अप्रैल: समाजिक संस्था गार्जियंस राइट्स के संस्थापक अध्यक्ष संकल्प नैब ने कहा कि नोबल करोना वायरस के कारण भारत में लॉक डाउन के पश्चात भी निजी शिक्षण संस्थाएं अभिभावकों से 3 माह की अवैध फीस वसूली के विरुद्ध उच्च न्यायालय जाया जाएगा.

“गार्जियंस राइट्स” के अध्यक्ष संकल्प नैब ने कहा है कि जिस तरह निजी शिक्षण संस्थाएं अभिभावकों पर बच्चों के बेतहाशा वृद्धि की हुई फीस वसूलती रही है साथ ही पुस्तकों की बिक्री का कमीशन प्राप्त कर रही है उनके विरोध विधिक कार्यवाही किया जाना न्याय हित में बेहद जरूरी हो गया है. नैब ने कहा कि भारत सरकार ने देश के भविष्य को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीआरटी) के माध्यम से गुणवत्ता युक्त शिक्षा व्यवस्था की हुई है और प्रत्येक वर्ग तक इसकी पहुंच के चलते इनको बहुत सस्ते मूल्य पर भी उपलब्ध कराया हुआ है साथ ही बच्चों को शिक्षित करने के लिए ई बुक्स भी उपलब्ध है परंतु अभिभावकों के साथ खिलवाड़ करने के लिए ही भ्रामक रूप से (एनसीईआरटी) सिलेबस पर आधारित प्रकाशित किया गया और अभिभावकों से किताबों के नाम पर कई गुणा मूल्य वसूला जा रहा है तथा कई गुणा महंगी स्टेशनरी भी दी जा रही है. उन्होंने उन्हीने ग्रीष्म कालीन सत्र में शिक्षा नहीं होने पर भी ली जाने वाली फीस को गैर मुनासिब बताया है.संस्था के अध्यक्ष ने करोना के कारण लॉक डाउन में शिक्षक के वेतन कटौती को भी न्यायालय में चुनौती दिए जाने की बात कही है. उन्होंने इस संबंध में प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अविलम्भ अभिभावक हित में निर्णय लिए जाने की अपेक्षा की है तथा उत्तर प्रदेश के निजी शिक्षण संस्थाओं में एनसीईआरटी की पुस्तकों को लगवाने की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की मांग की है.

About the author

Prakash Pandey

Add Comment

Click here to post a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.