बोल वचन खास

Alert: यह खबर जितनी पुलिस के लिए जरूरी है उतना ही पब्लिक के लिए भी, जानिए क्यों खास है या खबर

सहारनपुर कोरोना वायरस का प्रभाव और लॉक डाउन दो शब्द आज देश में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बने हुए हैं. उससे ज्यादा महत्वपूर्ण है पुलिस का लॉक डाउन का 100% पालन कराना और ऐसे लोग जो लॉक डाउन पर पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर सड़क पर आने की कोशिश करते हैं उन्हें सबक सिखाना.
पुलिस अपने ड्यूटी को सही से कर रही है या नहीं इस हकीकत को जानने के लिए खुद कप्तान सादी वर्दी में सड़क पर उतरे. एसएसपी के इस टेस्ट में अधिकतर पुलिसकर्मी फेल हो गए जिसके चलते आज शनिवार से सख्ती को बढ़ा दिया गया.
दरअसल सहारनपुर जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी शुक्रवार को मोटरसाइकिल से पुलिसिया व्यवस्था को देखने के लिए शहरी क्षेत्रों में निकले. कप्तान कई इलाकों से अपनी बाइक से घूमते रहे लेकिन अधिकतर चेकिंग प्वाइंट पर पुलिसकर्मी रोड के एक तरफ खड़े रहे और उन्होंने कप्तान की बाइक को नहीं रोका. पुलिसकर्मियों के इस लापरवाही को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने गंभीर माना और देर रात आदेश दिए कि यदि एक भी बाइक बिना चेक किए चेकिंग प्वाइंट से गुजरती है तो इसके लिए चेक पोस्ट और इंचार्ज दोनों को जिम्मेदार माना जाएगा.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेशों के अनुपालन में पुलिस शुक्रवार की रात से अलर्ट हो गई पुलिस अधीक्षक देहात विद्यासागर मिश्र और पुलिस अधीक्षक नगर विनीत भटनागर ने देहात और नगर के सभी थानाध्यक्ष और थाना प्रभारियों को चेतावनी देते हुए कहां कि बिना जांच के एक भी बाइक निकलने नहीं चाहिए लोग बिना किसी काम के बाहर निकल रहे हैं ऐसे लोगों को चालान कीजिए और उनके वाहनों को सीज कीजिए
आज शनिवार से लव डाउन को लेकर सहारनपुर जनपद में शक्ति को बढ़ा दिया गया है जिसका कारण शुक्रवार को 7 नए केस मिलना था पुलिस ने बेहट पुलिस थाना क्षेत्र में एक टेंपरेरी जेल की भी व्यवस्था की है अब यदि कोई लोग डाउन का उल्लंघन करता है तो उनको इन्हीं अस्थाई जेलों में रखा जाएगा हर चेकिंग प्वाइंट पर वाहनों की चेकिंग और उनके चालान किए जाएंगे पुलिस ने कहा है की यदि आप चेकिंग को अवॉइड करना चाहते हैं तो बेमतलब घर से बाहर ना निकले जरूरत की सब्जियां और दवाइयां आप अपने पास के ही स्टोर से खरीदें हालांकि एसएसपी दिनेश कुमार पी के द्वारा अपनी बाइक के जरिए निकलने की कोई भी वीडियो जारी नहीं की गई कप्तान ने इस फैक्ट चेक को और जांच को पूरी तरह से गोपनीय रखा था जिसकी किसी के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी

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Prakash Pandey

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