बलिया/उत्तर प्रदेश. बलिया जिला जहां लोग लॉक डाउन का पालन करते नजर नहीं आते. कारण पुलिस की नरमी है. कोरोना वायरस के संक्रमण से पूरा देश खौफ में है लेकिन बलिया के लोग लॉक डाउन का पालन नहीं कर रहे हैं. लोगों को दिन भर सड़कों पर टहलते और अब कुछ दुकानों को खुला हुआ देखा जा सकता है. हाफ़ शटर खोलकर बिक्री चालू है, कमोबेश ग्रामीण इलाकों में भी ऐसा ही माहौल है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 22 मार्च को जनता कर्फ्यू में सबसे बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने वाला बलिया जिला 5 दिन लॉक डाउन रहने के बाद ऊब गया है और बाहर निकलने के कोई न कोई वजह यहां के लोग तलाशने लगे हैं. सुबह 7:00 बजे से 11:00 बजे तक मिली ढील में बहुत से लोग सड़कों पर आ रहे हैं. सरकार से मिली राहत और थोड़ी सहूलियत को लोगों ने आवाजाही का कारण बना लिया. जनपद की पुलिस भी अब नरम दिखाई दे रही है. ऐसा लगता है कि लोगों में अब लॉक डाउन का कोई डर रह नहीं गया है. हाफ शटर खोलकर दुकान से सामान बेचे जा रहे हैं. हालांकि आवाजाही कम है. ऐसे में जनरल स्टोर और दवा की दुकानों को समय पर खोलने के लिए छूट दी गई है, उसके बाद अन्य दुकानदार भी मौके का फायदा उठाने से नहीं बच रहे है. पुलिस के डर से जितना पालन क्षेत्र के लोग कर सकते हैं बस वही कर रहे हैं. माने अपनी नैतिक जिम्मेदारी कुछ नहीं. सवाल यह उठता है कि ऐसे माहौल में कोरोना के खिलाफ लड़े जाने वाली जंग को हम कैसे जीतेंगे?
देश में कोरोना से संक्रमण की संख्या तकरीबन 1200 और इससे होने वाली मृत्यु की संख्या तकरीबन 33 तक पहुंच चुकी है जो खतरे की घंटी बजा रही है. अगर पूरे विश्व की बात करें तो सात लाख से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हैं जबकि 33568 लोग इस वायरस के चलते इस दुनिया से चले गए.

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