दुनिया भर में आतंक का पर्याय बन चुके कोरोना वायरस का इलाज सभी देश खोजने में लगे हैं. इस वायरस से पूरी दुनिया में तकरीबन 170000 लोग संक्रमित हैं. इतना ही नहीं वायरस ने 7000 लोगों की जिंदगियां लील ली है. इसी बीच उस देश से बड़ी खबर आ रही है जहां से इस महामारी का प्रभाव शुरू हुआ था. आपने बिल्कुल ठीक समझा चीन के उसी बुहान से वायरस को मात देने वाले उपचार के बारे में खबर है. चीन ने बंदरों की मदद से कोरोना वायरस का वैक्सीन बनाने का दावा किया है. चीन के इस मिशन में बंदर चीन के सहयोगी बने हैं.
कैसे बने बंदर मददगार
चीन ने कोरोना का इलाज ढूंढने के लिए अपनी प्रयोगशाला में कुछ बंदरों को कोरोना वायरस से संक्रमित किया था. हैरत की बात यह है कि कोरोना से संक्रमित इन बंदरों ने वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी हासिल कर ली.कोरोना इनफेक्ट होने के बाद भी बंदरों की बॉडी ने वायरस से लड़ने के लिए इम्यूनिटी हासिल कर ली. अब चीन इन बंदरों की बॉडी से एंटीबॉडीज लेकर वैक्सीन तैयार करने में लगा है. चीन के वैज्ञानिक इन बंदरों की बॉडी से लिए गए एंटीबॉडीज से वैक्सीन तैयार करेंगे और एक महीने के अंदर इसे इंसानों पर ट्राई करेंगे. यह भी कहा जा रहा है कि वैज्ञानिक उन लोगों के शरीर से भी एंटीबॉडीज लेंगे जिन्होंने खतरनाक कोरोनावायरस पर जीत हासिल की है. यहां यह जान लेना महत्वपूर्ण है कि अभी तक तकरीबन 75000 से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं. डॉक्टर वायरस से ठीक हो चुके बंदरों और लोगों की बॉडी से लिए एंटीबॉडीज को मिलाकर दोनों के बीच समानता को भी देखेंगे.
क्या होता है एंटीबॉडीज
एंटीबॉडीज बॉडी के अंदर ही होते हैं जो हमें कई बीमारियों से बचाते हैं और बॉडी को किसी भी संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं.
क्या दोबारा भी हो सकता है कोरोना
दुनिया में इस बात पर भी गहरी चर्चा है कि कोरोना से ठीक होने के बाद क्या दोबारा वायरस की चपेट में व्यक्ति आ सकते हैं, तो इस मामले में आप जान लीजिए कि मात्र 0.1% से लेकर 1 परसेंट तक ही लोग दोबारा इस वायरस की चपेट में आए हैं.
चीन से इस खबर के आने के बाद अब जल्द ही इस वायरस पर जीत मिलने की उम्मीद है.( Courtesy-asianet )

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