Saharanpur/ uttar pradesh. किसान वेदपाल की आत्महत्या के मामले ने अब जनपद के सियासी तापमान को बढ़ा दिया है. नेताओं ने केंद्र से लेकर प्रदेश सरकार तक को दोषी करार दिया है. वहीं प्रशासन ने बैंक मैनेजर समेत कई लोगों पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
किसान के प्रति जनपद के नेताओं ने अपनी सहानुभूति व्यक्त की है. उन्होंने दुःख जताते हुए सरकार पर करारा हमला किया है और मुवावजे की मांग भी की है. ग़ौरतलब है कि कुछ दिन पहले तहसील बेहट के अलिवाला गाँव के किसान वेदपाल ने क़र्ज़ से हताश होकर बैंक के सामने पेड़ पर लटक़ कर फाँसी लगा ली थी. वेदपाल के जेब से सुसाइड नोट मिला था जिसमें किसान ने बैंक पर टॉर्चर करने और दलालों के परेशान करने की बात कही थी. बुधवार को पूर्व राज्यमंत्री और नगर विधायक संजय गर्ग और पूर्व विधायक शशिबाला पुंडीर उसके परिवार को सांत्वना देने गाँव पहुँचे. सपा विधायक संजय गर्ग ने दुःख जताते हुए कहा कि परिवार की हालात देखकर मन द्रवित हो जाता है. किसान दस बीघा ज़मीन का मालिक होने के बाद भी दलालों के चक्कर में लगभग लाख रूपये का कर्जमंद हो गया था. उन्होंने प्रसाशनिक व्यवस्था पर सवाल किया और कहा कि दिसम्बर में वेदपाल की बेटी की शादी का अनुदान भी नही मिला. परिस्थितियों से निराश और हताश होकर उसने फाँसी लगा ली. उन्होंने प्रदेश सरकार पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा के राज में आम किसानों की हालत ख़राब है. उन्होंने आगे कहा कि वेदपाल की तीन लड़कियाँ और एकमात्र बेटा जो कक्षा चार में पढ़ता है, जिनके भविष्य को लेकर पूरा परिवार चिन्तित है. विधायक ने कहा कि वह जिला प्रशासन से बात करके किसान परिवार को 25 लाख आर्थिक मदद की माँग करेंगे. उन्होंने कहा कि वास्तव में बड़े- बड़े पूँजीपति अरबों का घोटाला कर छूमंतर हो रहें है, बैंक ड़ूब रहे हैं और आम किसान हताशा की ज़िंदगी जीने को मजबूर हैं.
वहीं वेदपाल के परिजनों से कांग्रेस के फायरब्रांड नेता इमरान मसूद भी मिले. उन्होंने की भाजपा के कुशासन में कोई भी सुखी नही है. लोग अपना जीवन भी ठीक से नही जी पा रहे हैं. किसानों को लेकर सरकार केवल घोषणा करती है उनके लिए कोई ठोस योजना आज तक नही बन पायी, जिसके चलते आज भी किसान आत्महत्या करने को मजबूर है. उन्होंने कहा कि वेदपाल की आत्महत्या व्यवस्था पर सवाल है. इमरान मसूद ने हर संभव मदद का आश्वासन पीड़ित परिवार को दिया.


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