नई दिल्ली. बैंकों का विलय अपने अंतिम दौर में हैं.सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों का विलय कर चार बैंक बनाने का कार्य जारी है और 1 अप्रैल से 10 बड़े बैंक 4 बैंकों में तब्दील हो जाएंगे. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रस्ताव की मंजूरी का हवाला देते हुए कहा कि सरकार बैंकों के संपर्क में है. उन्होंने कहा इसमें कोई नयामकीय मुद्दा नहीं होगा. बैंक विलय का काम पटरी पर है और संबंधित बैंकों के निदेशक मंडल पहले ही निर्णय कर चुके हैं. गौरतलब है सरकार ने इसकी घोषणा पहले ही कर दी थी. पिछले साल अगस्त में बड़ा फैसला लेते हुए मोदी सरकार ने 27 बैंकों की श्रृंखला को बारह पर लाकर खड़ा कर दिया. पिछले साल देना बैंक और विजया बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय करने के बाद अब यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का पंजाब नेशनल बैंक में, सिंडिकेट का केनरा बैंक, इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में और आंध्र बैंक तथा कारपोरेशन बैंक का विलय यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में हो जाएगा.
1अप्रैल से बदल जाएगी आपके बैंक की पहचान, जानिए क्या होगा असर?
2 days ago
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