औरैया/उत्तर प्रदेश. लॉक डाउन में अजीबो गरीब शादी सामने आई है. पहले से ही तय शादी की तिथि पर एक अलग तरह की शादी देखने को मिली जिसकी जगह क्वॉरेंटाइन सेंटर थी और जिसके बराती स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी थे. अधिकारी न केवल शादी में शामिल हुए बल्कि दूल्हा-दुल्हन को उपहार भी दिए.
दरअसल दिल्ली के रहने वाले बाबू राम ने अपनी बेटी राधा की शादी अजीतमल के सिकरोड़ी गांव के रहने वाले संतोष के बेटे श्रीकांत से 19 मई को तय की थी.
बाबूराम 22 मार्च को बेटी के साथ संतोष कुमार के घर पक्के की रस्म करने गए थे. इसी बीच लॉक डाउन हो गया और बाबूराम बेटी और अपने परिवार के साथ इसी गांव में फंस गए. लड़की वालों ने विचार किया कि लॉक डाउन खत्म होने के बाद दिल्ली जाकर शादी कर लेंगे लेकिन लॉक डाउन बढ़ता चला गया. शादी की तारीख नजदीक आते ही किसी भी तरह संतोष का बेटा श्रीकांत भी मुंबई से घर लौट आया लेकिन श्रीकांत को स्थानीय प्रशासन ने विद्यार्थी पब्लिक स्कूल में 14 दिन के लिए क्वॉरेंटाइन कर दिया. 19 मई की तारीख नजदीक आने पर परिवार जनों को चिंता हुई और उन्होंने स्थानीय प्रशासन से तय मुहूर्त में शादी करने की अनुमति मांगी. इस पर प्रशासन राजी हो गया और शादी के दिन क्वॉरेंटाइन सेंटर में एसडीएम रमेश यादव, स्कूल प्रबंधक सुधीर गुप्ता व प्रिंसिपल गोपाल डे मौके पर पहुंचे. राधा और श्रीकांत ने एक दूसरे को जयमाला डाली. सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क के साथ पूरी शादी को विधि विधान से पूरा किया गया. मौके पर मौजूद अधिकारियों ने वर-वधू को आशीर्वाद और उपहार दिए उसके बाद से ही पूरी शादी चर्चा का विषय बनी हुई है.
एक विवाह ऐसा भी: क्वॉरेंटाइन सेंटर में ही दुल्हन दूल्हे राजा ने लिए फेरे, अफसरों ने दिए उपहार







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