SUBHASH KASHYAP
सहारनपुर. आगामी त्योहारों को देखते हुए तत्काल प्रभााव से धारा 144 लगा दी गई है जिसकी जानकारी जिलाधिकारी अखिलेश ने आदेश जारी कर साझा की है. सड़कों पर होनेे वाली अनावश्यक भीड़ को लेकर जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने हाल ही में नाराजगी भी जताई थी.
जिला मजिस्ट्रेट अखिलेश सिंह ने बताया कि निकट भविष्य में सम्पन्न होने वाले ईदुल्जुहा(बकरीद), रक्षा बंधन आदि त्यौहारो व अन्य विभिन्न आयोजनो के अवसर पर तथा विभिन्न विभागों द्वारा समय-समय पर आयोजित की जाने वाली परीक्षाओ एवं चयन/प्रवेश परीक्षाओ के समय, औद्यौगिक संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों व शिक्षण संस्थानो और रेलवे स्टेशन आदि पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अप्रिय घटना घटित करने की संभावना को देखते हुए जनपद में धारा 144 लागू कर दी गयी है.
क्या होगा प्रतिबंध
किसी भी सार्वजनिक स्थान पर चार या चार से अधिक व्यक्ति बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के धरना, जलूस, प्रदर्शन नहीं करेगा और न करने के लिये प्रेरित करेगा।
कोई भी जाति विशेष का व्यक्ति/व्यक्तियों का समूह अपने नगर/गांव/मौहल्ले व अन्य स्थानों पर जाकर कोई भी ऐसा कार्य नही करेगा जिससे जातीय हिंसा व अन्य विवाद उत्पन्न होने की संभावना हो जाये.
जनपद के किसी भी गांव अथवा मौहल्ले में ऐसे व्यक्ति का प्रवेश नही करेगा, जिसके जाने से उस क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो जाये.
कोई भी व्यक्ति सक्षम प्राधिकारी/संबंधित उप जिला मजिस्ट्रेट /नगर मजिस्ट्रेट/अपर जिला मजिस्ट्रेट व जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना जुलूस/सभा/धरना/प्रदर्शन/सम्मेलन तथा रैली आदि आयोजित नही की जायेगी. परन्तु धार्मिक जलूस, धार्मिक कार्यक्रम, विवाह एवं शव यात्रा पर यह प्रतिबन्ध लागू नही होगा.
कोई भी व्यक्ति/व्यक्तियों का समूह सक्षम प्राधिकारी/संबंधित उप जिला मजिस्ट्रेट/नगर मजिस्ट्रेट की बिना अनुमति के जुलूस/सभा/सम्मेलन/धरना-प्रदर्शन/रैली तथा विवाह आदि में ध्वनि प्रसारक यन्त्रों का प्रयोग नही करेगा, साथ ही प्रसारक यन्त्रों का प्रयोग शासन द्वारा निर्धारित मानको के अनुरुप किया जायेगा.
जनपद में शान्ति व्यवस्था भंग करने संबंधी कोई कार्य नही करेगा तथा न किसी ऐसे व्यक्ति/व्यक्तियों का सहयोग करेगा जो शान्ति व्यवस्था कुप्रभावित करने का कृत्य कर रहे है अथवा ऐसे कार्य करने में संलिप्त है.
ऐसे तत्वों जिनके भ्रमण आदि कार्यक्रमों से साम्प्रदायिक सद्भाव एवं समरसता पर कुप्रभाव पडता हो, को प्रतिबन्धित किया जाता है.
कोई भी व्यक्ति शस्त्र लेकर जनपद में भ्रमण नही करेगा और शस्त्रों(चाकू, भाला, बरछी, त्रिशूल,तलवार, छूरा )का सार्वजनिक प्रदर्शन नही करेगा व अन्य आग्नेयास्त्र तथा विस्फोटक एवं आपत्तिजनक सामग्री(पटाखा, राकेट) आदि समाविष्ट होगा.
कोई भी व्यक्ति विस्फोटक पदार्थ विनाशकारक सामग्री आदि का जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना न तो भण्डारण करेगा और न ही उसके साथ भ्रमण करेगा. कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह किसी सार्वजनिक स्थल या अपने घर की छत पर किसी प्रकार की ईंटे, पत्थर, किसी प्रकार की मिटटी, कांच की बोतलें, सोडा वाटर बोतलों में कोई ज्वलनशील पदार्थ जिससे मानव जीवन पर खतरा हो, को एकत्रित नही करेगा और ना ही ऐसा करने के लिये किसी को प्रेरित करेंगा.
कोई भी पैट्रोल पम्प मालिक वाहन के अलावा किसी भी बोतल अथवा कन्टेनर में पेट्रोल/डीजल की बिक्री नहीं करेगा. ऐसी संभावना है कि अराजक तत्व इस प्रकार खरीदे गये पेट्रोल अथवा डीजल का प्रयोग हिंसात्मक कार्य के लिये कर सकते है. इसके चलते पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति केवल वाहन में ही की जायेगी.
परीक्षार्थियों/अभ्यार्थियों एवं परीक्षा कार्यो में लगे अधिकारियों/कर्मचारियों के अलावा परीक्षा केन्द्र के 200 गज की परिधि में चार से अधिक व्यक्ति किसी स्थान पर न तो एकत्रित होंगे और न ही समूह में विचरण करेगे.
कोई भी व्यक्ति जनपद की सीमा के भीतर अनुचित मुद्रण, फोटो स्टेट तथा अवैध प्रकाशन कर परीक्षार्थियों/अभ्यार्थियों या किन्ही अन्य व्यक्ति को गुमराह नही करेगा.
जनपद के बाहर के पशु अवशेष, हडिडयों व चर्बी आदि लेकर जन स्वास्थ्य के दृष्टिगत तथा वायु प्रदूषण को रोकने के लिये आने वाले वाहनो को पूर्ण रुप से प्रतिबंधित किया गया है.
सरकार द्वारा प्रतिबन्धित पोलिथीन, प्लास्टिक पर पूर्णतया प्रतिबन्ध लगा होने के कारण कोई भी व्यक्ति पोलिथीन, पलास्टिक का प्रयोग नही करेगा.
कोई भी होटल/धर्मशाला आदि का प्रबन्धक/मालिक किसी भी व्यक्ति को बिना उसकी पहचान स्थापित करायें कमरा आंवटित नही करेगा.
परीक्षा केन्द्रो, छात्रावासों एवं चिकित्सालय के आस-पास ध्वनि विस्तारक यंत्रो का प्रयोग नही होगा तथा अन्य स्थानों पर ध्वनि विस्तारक यन्त्र को निर्धारित अनुमन्य ध्वनि के अंर्तगत सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदन के बिना प्रयोग नही किया जायेगा.
कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया या प्रिन्ट मीडिया के माध्यम से ऐसी बात नही कहेंगा और ना ही प्रकाशन के माध्यम से प्रसारित/प्रचारित करेगा जिससे सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुंचती हो.
कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक रुप से मदिरा एवं नशीले पदार्थो का प्रयोग नही करेगा, जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने की सम्भावना हो और न ही ऐसा करने के लिये किसी को प्रेरित करेगा.






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