New Delhi. तबलीगी जमात या मस्जिद मरकज के नाम से परिभाषित करने पर कुछ लोगों की तकलीफ सामने आई है. ऐसे लोगों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके प्रशासन को कोविड-19 मामलों में तबलीगी जमात या मस्जिद मरकज के रूप में वर्गीकृत करने से रोकने की मांग की गई है.
बृहस्पतिवार को याचिकाकर्ता अधिवक्ता एम एम कश्यप ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि तबलीगी के कार्यक्रम के बाद से केजरीवाल ने अपने विभिन्न ट्वीट में संक्रमण के कई मामलों को मस्जिद मरकज नाम के अलग शीर्षक के तहत जानबूझकर रखा. अधिवक्ता ने कोरोनावायरस के मामलों को जमात शीर्षक देने से संप्रदायिक बैर पनपने की बात कही ह
इतना ही नहीं अधिवक्ता ने कहा कि इसके चलते धार्मिक समुदाय विशेष के प्रति नफरत का माहौल बन रहा है. अधिवक्ता फौजिया रहमान और एम कयामुद्दीन के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि वक्त की जरूरत है कि देश कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में एकजुट हो, ऐसे में इन मामलों को सांप्रदायिक रंग देने से उद्देश्य प्रभावित होगा. इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए. याचिका कर्ता की अपील पर कोर्ट में 20 अप्रैल को सुनवाई हो सकती है. बता दें कि हाल ही में दिल्ली में दंगे भी हुए थे इसके चलते माहौल पहले से ही तनावपूर्ण है.
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