सूरत/ गुजरात. अक्सर घर में अपने कामकाज और व्यवस्थाओं को लेकर हम अपने बच्चों के हाथ में मोबाइल पकड़ा देते हैं लेकिन देखते ही देखते मोबाइल देखना बच्चों में लत के रूप में रूप में विकसित हो जाता है. उसके बाद लाख कोशिश करने के बाद भी बच्चे फोन नहीं छोड़ते. इसके लिए बच्चे नही बल्कि खुद पेरेंट्स ही जिम्मेदार हैं. लेकिन आप पैनिक मत होइए.
अब मोबाइल की लत से आपके बच्चों को बचाया जा सकेगा. गुजरात की रहने वाली 11 साल की भाविका महेश्वरी बच्चों को मोबाइल से बचाने की मुहिम शुरू की है. भाविका ने एक स्टार्टअप शुरू किया है जिसका नाम मोबाइल एडिक्शन क्लीनिक रखा है. भाविका ने इसके लिए 24 पेज की एक ड्राइंग बुक तैयार की है. ड्राइंग यह समझाने में कारगर है कि बच्चों को कितना, कब और कैसे मोबाइल का प्रयोग करना है. वाणिज्य मंत्रालय से पंजीकृत इस स्टार्टअप को लेकर भाविका ने बताया कि अभी तक उन्होंने 12 स्कूलों में मोबाइल एडिक्शन क्लीनिक को लेकर सेमिनार किए हैं. भाविका कहती हैं कि सेमिनार के दौरान ही उन्हें कुछ अलग करने का एहसास भी हुआ यही कारण है कि उन्होंने अपने संदेश को ठीक तरह से पहुंचाने के मकसद से 24 पेज की एक ड्राइंग बुक तैयार कर दी. अब भाविका अपने मिशन को आगे बढ़ाते हुए यह ड्राइंग बुक स्कूलों में भेजने की तैयारी में है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही मोबाइल की लत से बच्चों को बचाया जा सकेगा.

Add Comment