RAVINDRA CHAUDHARY
HARIDWAR/ UTTARAKHAND. कोरोना को जहां विश्व स्वास्थ्य संगठन ने महामारी का नाम दिया है. लोग डर में जी रहे हैं वहीं इसके नाम पर मज़ाक और झूठ बोलकर फायदा लेने के मामले भी सामने आ रहे हैं. ऐसा ही एक मामला सामने आया है सहारनपुर के एक युवक का. युवक ने ट्रेन में नीचे की सीट के लिए झूठ बोल दिया. जिसके बाद ट्रेन में हंगामा हो गया. परिवार के माफी मांगने पर सभी जांचों के बाद युवक को छोड़ा गया.
दरअसल, सहारनपुर निवासी समरजीत सिंह की चालाकी उसके गले पड़ गई, वो मथुरा जाने के लिए देहरादून से नंदा देवी एक्सप्रेस में जानबूझकर लोअर बर्थ लेने के मास्क पहन कर सवार हुआ और कहा कि उसे कोरोना हो गया है इसलिए लोअर बर्थ दे दीजिए.उसकी पहले से मिडिल बर्थ रिज़र्व थी. उसकी बात सुनते ही ट्रेन में हंगामा मच गया. यात्रियों ने उसको ट्रैन से उतरवाने के लिये हंगामा शुरू कर दिया. रेलवे में भी हड़कम हो गया. तत्काल ट्रेन को हरिद्वार में रोका गया. उसके बाद उसे ट्रेन से उतार पूरे डिब्बे में दवाइंया छिड़की गई, फिर उस युवक को कोरोना कैम्प में दाखिल करने को पुलिस सौंप दिया गया. इस पूरी प्रक्रिया से घबराए समरजीत ने परिजनों को बुला लिया. परिजन रेलवे प्रशासन से माफी मांग कर बड़ी मुश्किल से उसको घर ले गए. लेकिन इस से पूर्व उसकी पूरी मेडिकल जांच की गई. इस वजह से ट्रेन लगभग 50 मिनट तक रुकी रही.
इस जानकारी को सहारनपुर के वरिष्ठ पत्रकार रविन्द्र चौधरी ने अपनी वाल पर साझा किया है.
उन्होंने अंतिम लाइनों में कोरोना के नाम पर झूठ से बचने की सलाह दी है और कहा है, ” भूल कर कोरोना को लेकर झूठ भी मत बोलना वरना जांच के नाम पर तत्काल 28 दिन के लिये अंदर कर दिए जाओगे.”

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