देहरादून. दिल्ली चुनाव हारने के बाद से ही भाजपा शासित राज्यों में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अटकलें लगने लगी थीं. इसमें मुख्यमंत्रियों की लोकप्रियता को आधार बनाया गया था.
पिछला सप्ताह उत्तराखंड के सीएम के लिए भी तनावपूर्ण ही रहा. पूरे सप्ताह भर सीएम त्रिवेंद्र रावत को बदलने की चर्चा तेज हो गई. शोशल मीडिया से उठी चर्चा ने इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया में अपनी जगह बना ली.
इन तमाम अटकलों के बीच फिर से गैरसैंण का मुद्दा उठ रहा है. भाजपा विधायक महेंद्र भट्ट ने गैरसैंण को ग्रीष्म कालीन राजधानी बनाने की मांग की है. विधायक महेंद्र भट्ट ने इस संबंध में सीएम त्रिवेंद्र रावत से हुई चर्चा का हवाला देते हुए एक पोस्ट भी फेसबुक पर शेयर की है.
भाजपा विधायक भट्ट ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने के बारे में 3 मार्च से गैरसैंण में हो जा रहे विधानसभा सत्र का हवाला दिया गया है. इतना ही नही भट्ट ने सीएम से हुई बातचीत की पुष्टि के लिए कर्णप्रयाग विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी को गवाह के रूप में भी पेश किया है.
उत्तराखंड के राजनीतिक पंडितों की मानें तो इस पोस्ट के पीछे सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की ही शह है. राजनीतिक विश्लेषक तो यह भी कहते हैं कि चारधाम श्राइन बोर्ड का नाम उत्तराखंड देवस्थानम बोर्ड करने के लिए भी सीएम ने महेंद्र भट्ट को आगे किया था. अब राजनीतिक विशेषज्ञ यह कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नेतृत्व परिवर्तन की खबरों का डिजास्टर मैनेजमेंट करने के लिए ही यह रणनीति अपनाई है.

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