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Big news: ‘आप’ से हार के बाद आत्ममंथन में भाजपा, जानिए क्या हुई चर्चा

नयी दिल्ली : दिल्ली विधानसभा चुनाव बीत चुका है. कल अरविंद केजरीवाल तीसरी बार सूबे के मुखिया के रूप में शपथ लेंगे. जहां आम आदमी पार्टी में जीत का जश्न है वहीं भाजपा में हार की हलचल. पार्टी में हार पर आत्ममंथन और समीक्षा बैठकों का दौर आज पूरे दिन चली. भाजपा की दिल्ली इकाई के पार्टी नेताओं ने यह जानकारी दी. बैठक में चुनाव के दौरान संगठनात्मक ‘कमजोरियों’ और प्रचार में ‘कमियों’ को हार का मुख्य कारण पाया गया.

शुक्रवार सिलसिले वार चली बैठकों में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी, राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, अनिल जैन और दिल्ली इकाई के संगठन सचिव सिद्धार्थन समेत कई अन्य ने शिरकत की. सूत्रों की मानें तो भाजपा आम आदमी पार्टी सरकार की मुफ्त की योजनाओं और शाहीन बाग में सीएए विरोधी प्रदर्शन के मुद्दों को सही ढंग से संभाल नहीं पायी. बैठक के दौरान एक नेता ने कहा कि शीर्ष नेताओं ने चुनाव प्रचार के दौरान शाहीन बाग में सीएए विरोधी प्रदर्शन के मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया, लेकिन कुछ नेताओं के बयान और उनका व्यवहार जैसे कि अरविंद केजरीवाल को आतंकवादी कहना और ‘गद्दारों को गोली मारो’ जैसे नारे लोगों को पसंद नहीं आये. बैठकों में यह भाव उजागर किया गया.

गुरुवार को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के कुछ नेताओं द्वारा दिये गये ‘गोली मारो’, ‘भारत-पाकिस्तान मैच’ जैसे बयानों को गलत ठहराते हुए बयानों से पार्टी को नुकसान होने की संभावना जताई थी. कुछ नेताओं ने बैठक में आम आदमी पार्टी के मुफ्त बिजली, पानी और महिलाओं को बसों में मुफ्त सफर कराने जैसे मुद्दों को बड़ा माना और कहा कि पार्टी इसका तोड़ नही कर पाई. बैठक में अन्य मुद्दों जैसे संगठनात्मक कमजोरियां और चुनाव अभियान से संबंधित कमियों, जमीनी कार्यकर्ताओं की ‘कमी’, उम्मीदवारों का चयन, स्टार प्रचारकों की भीड़ और अन्य मुद्दे छाए रहे.

उम्मीदवारों की घोषणा में देरी हुई, प्रचार के लिए समय न मिलना, स्टार प्रचारकों के चलते आमजन से सम्पर्क न साध पाने को भी वजह माना गया. अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्रियों, पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों, दर्जनों सांसदों, पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों समेत अन्य नेताओं ने चुनाव से संबंधित 6,500 से अधिक कार्यक्रम किये. समीक्षा बैठकों का दौर शनिवार को भी जारी रहेंगी. माना जा रहा है कि इसमें विधानसभा चुनाव के उम्मीदवार, निगम पार्षद और केन्द्रीय प्रभारी अपने बात रखेंगे.

भाजपा दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि समीक्षा की कवायद पूरी होने में 3-4 दिन लगेंगे, जिसके बाद राष्ट्रीय नेतृत्व को रिपोर्ट सौंपी जायेगी. इससे पहले गुरुवार को मनोज तिवारी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने पार्टी मुख्यालय में दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों पर चर्चा की थी.

बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप को 62, भाजपा को 8, और कांग्रेस शून्य पर रही.

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Prakash Pandey

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