पॉलिटिकल खास

Jamia vedio: 1 मिनट 13 सेकेंड, दो वीडियो और सवालों में दिल्ली पुलिस.

नयी दिल्ली : जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia Milia Islamia) की पुस्तकालय कांड को लेकर जारी 48 सेकेंड की वीडियो ने देश की राजनीति में भूचाल और दिल्ली पुलिस पर सवाल खड़ा कर दिया है. जेसीसी द्वारा जारी वीडियो में यूनिवर्सिटी के पुस्तकालय में दिसंबर माह में सुरक्षा बलों द्वारा विद्यार्थियों को पीटने के कुछ वीडियो क्लिपों को जारी किया गया जिसके चलते आज यानी सोमवार का दिन सियासत के सबसे गर्म दिन के रूप में दर्ज किया गया.

मामले को लेकर दो बड़ी पार्टियों में जुबानी जंग

जामिया मामले में देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस और विश्व की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा में ज़ुबानी जंग तेज़ हो गयी है. जहां भाजपा ने कांग्रेस कांग्रेस पर मामले के राजनीतिकरण का आरोप लगाया वहीं कांग्रेस ने सरकार पर दबंगों के तौर पर पुलिस के दुरुपयोग की बात कही.

‘वीडियो बनाम वीडियो’ से शुरू हुआ यह मामला जामिया समन्वय समिति (जेसीसी) की वीडियो फुटेज जारी हो जाने के बाद हुआ है. दरअसल समिति ने दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की ‘लीक’ वीडियो के जवाब में ओल्ड रीडिंग हॉल में पुलिस की कथित ‘बर्बरता’ की सीसीटीवी फुटेज जारी कर दी.

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की ‘लीक’ वीडियो में कथित रूप से दिख रहा है कि 15 दिसंबर को कुछ ‘दंगाई’ पुस्तकालय में छुप रहे हैं. हालांकि इन वीडियो की सच्चाई का पता नहीं लगाया जा सका है.
वहीं जेसीसी की ओर से जारी 48 सेकेंड के वीडियो में कथित तौर पर अर्द्धसैनिक बल और पुलिस के करीब सात-आठ कर्मी ओल्ड रीडिंग हॉल में प्रवेश करते और छात्रों को लाठियों से पीटते दिख रहे हैं. ये कर्मी रूमाल से अपने चेहरे ढंके हुए भी नजर आ रहे हैं.

बोलवचन

भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा,

कांग्रेस असामाजिक तत्वों और हिंसा में शामिल लोगों का लगातार समर्थन कर रही है. उसने देश के सुरक्षा बलों और पुलिस के खिलाफ आवाज उठाई है.

राव ने सवाल किया कि

छात्रों ने अपना चेहरा क्यों ढंक रखा था और वे हाथों में पत्थर लेकर कौन सी पढ़ाई कर रहे थे? कौन से अकादमिक अनुशासन में विद्यार्थियों को पढ़ते समय मास्क पहनने और हाथों में पत्थर लेने की जरूरत होती है. कांग्रेस हमेशा उन लोगों के साथ खड़ी होती है जो देश से दुश्मनी रखते हैं.

जुबानी जंग को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा कि

सत्तारूढ़ दल ‘रंगे हाथों’ पकड़ा गया है. वे अपने दबंगों के तौर पर पुलिस बल का दुरुपयोग करने के दोषी हैं. भाजपा सरकार आरोपी है और बेगुनाह छात्रों पर हमले के मामले में दोषी है. जामिया की इस हिंसा की तफ्तीश के लिए अदालत की निगरानी में जांच वक्त की जरूरत है.

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने भी पुलिस की कथित बर्बरता को लेकर सरकार पर हमला किया उन्होंने कहा

जब पुलिस कर्मी सच छुपाते हैं और युवाओं के साथ कोई संवाद नहीं होता है तो लोकतंत्र की जड़ें धीरे-धीरे कमजोर हो जाएंगी.

सिब्बल ने शोशल मीडिया के प्लेटफार्म ट्विटर पर लिखा

15 दिसंबर को जामिया के पुस्तकालय में पुलिस की बर्बरता (टेप). जब पुलिस कर्मी सच छुपाते हैं और युवाओं के साथ कोई संवाद नहीं होता है. जब भाषण असभ्य हो जाते हैं. जब सरकार जासूस बन जाए और डेटा झूठ से भरा हो तो धीरे-धीरे लोकतंत्र की जड़ें कमज़ोर हो जाएंगी.

क्या है जेसीसी

जेसीसी जामिया मिल्लिया इस्लामिया के वर्तमान और पूर्व छात्रों का संगठन है जिसे 15 दिसंबर 2019 को कथित पुलिस बर्बरता के बाद गठित किया गया था. बता दें कि जेसीसी की जारी वीडियो को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को साझा किया था.

प्रियंका गांधी ने कहा था कि अगर इस पर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो सरकार की नीयत पूरी तरह से देश के सामने आ जाएगी. प्रियंका गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह और पुलिस पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और कहा,”पुस्तकालय के भीतर जामिया के छात्रों की पिटाई नहीं की गई थी.
कुल मिलाकर देश की राजनीति में भूचाल की स्थिति है. बवाल है कि रुकने का नाम नही ले रहा है और सियासी आग है जो बुझाने की कोशिश नही हो रही है.

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Prakash Pandey

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