PRAKASH K PANDEY
सहारनपुर. आज के समय में जब कोरोना वायरस के प्रभाव के चलते चेहरों पर चिंताओं के बादल छाए रहते हैं. ऐसे में सहारनपुर के वरिष्ठ पत्रकार अरविन्द राणा ने चेहरों पर मुस्कुराहट लाने के लिए एक अलग पहल की है. अरविन्द राणा ने फिल्म इंडस्ट्री के कुछ गानों का चयन किया और डब्ल्यूएचओ से जोड़ते हुए उन गानों को महत्व के साथ बताया. यकीन मानिए जैसे-जैसे आप गानों की फेहरिस्त पढ़ते जाएंगे आपको लगेगा की फिल्म इंडस्ट्री ने ऐसे काल के लिए पहले से ही प्रयास कर लिए थे. उन्होंने कुछ गीतों को छोड़ने और कुछ को अपनाने की अपील की है. और लोगों से सुझाव भी मांगे हैं.
अरविन्द राणा ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा है
W.H.O ने कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण इन गीतों को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित करने का विचार कर रहा है! अगर आपका कोई सुझाव है तो साझा करे…
1) ~बाहों में चले आ.~
2) ~लग जा गले~
3) ~आज गालो मुस्कुरा लो महफिले सजा लो~
4) ~चुम्मा चुम्मा दे दे~
5) ~ओ साथी चल मुझे लेके साथ~
6) ~मेंरे हाथ मे तेरा हाथ हो~
7) ~अभी ना जाओ छोडकर~
8) ~तुमसे मिलके ऐसा लगा~
9) ~छू लेने दो नाजूक होठो को~
10) ~होटो से छू लो तुम~
11) ~सांसो को सांसो से मिलने दो जरा~
12) ~पास वो आने लगे जरा ज़रा~
13) ~तुम पास आये यू मुस्कुराये~
साथ ही साथ इन कुछ गीतों की सिफारिश भी की है! अगर आपको लगता है आपका पसंद का कोई भी और इसमें ऐड होना चाहिए तो जरूर लिखें….
1) तेरी गलियों में ना रख्खेंगे कदम..
2) तेरी दुनिया से दूर, चले होके मजबूर..
3) मिलने से डरता है दिल
4) परदेसीयो से ना आंखीया मिला ना ..
5) चलो एक बार फिर से अजनबी बन जाये..
6) ये गलिया ये चौबारा यहाँ आना ना दोबारा
7) तेरी दुनिया से दूर, होके चले मजबूर ..
8) भूला देंगे तुमको सनम धीरे धीरे..
9) अकेले हम अकेले तुम..






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