सहारनपुर/ उत्तर प्रदेश. कोरोना वायरस महामारी के चलते देश के सभी शिक्षण संस्थान बंद है. सत्र को सुचारू रखने के लिए जिला प्रशासन के निर्देश के बाद स्कूलों में ऑनलाइन एजुकेशन देना शुरू कर दिया. स्कूलों ने इस व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए जूम एप, व्हाट्सएप, वीडियो के माध्यम से बच्चों को जोड़कर शिक्षा देने का काम शुरू किया. लेकिन उसके जल्द ही नकारात्मक संकेत आने लग गए. व्हाट्सएप ग्रुप का एडमिन स्कूली शिक्षिकाओं को बनाया गया. ग्रुप में शामिल कुछ अभिभावक शिक्षिकाओं को आपत्तिजनक मैसेज भेजने लगे जिसकी शिकायत जिला प्रशासन से की गई है. जिला प्रशासन ने आपत्तिजनक मैसेज भेजने वालों को जेल भेजने की बात कही है.
क्या कहते हैं प्रोग्रेसिव स्कूल सोसायटी के संयोजक सुरेंद्र चौहान
मामले की जानकारी देते हुए प्रोग्रेसिव स्कूल सोसाइटी के संयोजक सुरेंद्र चौहान ने बताया कि
“अधिकांश स्कूलों में बच्चों के व्हाट्सएप नंबर जोड़कर कक्षा वार ग्रुप बना दिए गए जिसमें क्लास टीचर को एडमिन बनाया गया. ऑनलाइन शिक्षा का लाभ सभी बच्चों को मिल रहा है. अभिभावक भी संतुष्ट हैं लेकिन व्हाट्सएप ग्रुप बनने के बाद कुछ विद्यालयों के सामने यह संकट आया है कि व्हाट्सएप ग्रुप से लड़कों ने लड़कियों के नंबर निकाल कर आपत्तिजनक जनक मैसेज भेजने शुरू कर दिए. उससे भी ज्यादा हैरानी तब हुई जब कुछ सिरफिरे अभिभावकों ने शिक्षिकाओं के व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज भेजने शुरू कर दिए. दौराला के स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप में किसी ने अश्लील वीडियो पोस्ट कर दी. कुछ अभिभावकों व शिक्षिकाओं ने मुझे संपर्क कर बताया कि उनके व्यक्तिगत नंबर पर आपत्तिजनक मैसेज आ रहे हैं. एक मामले में मैंने संबंधित थाने में शिकायत की इस पर तुरंत कार्यवाही करते हुए संबंधित सब इंस्पेक्टर ने आपत्तिजनक मैसेज करने वाले को सबक सिखाया और भविष्य में ऐसी गलती ना करने की हिदायत दी. यह समस्या कई स्कूलों में आ रही है लेकिन किसी ने अभी तक पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई. हमने इस मामले में पुलिस अधीक्षक नगर विनीत भटनागर को पूरी जानकारी दी है. उन्होंने ऐसे मामले में ठोस कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है.”
क्या कहते हैं एसपी सिटी
इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेने की बात कहते हुए एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि







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