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OMG: मज़बूरी में खरीदी साइकिल लेकर घर के लिए चल पड़े, लेकिन रह गया मलाल, क्यों

पंजाब, हरियाणा से मुश्किल से साइकिले खरीदकर देवबंद पहुंचे बिहार और पूर्वी यूपी के मजदूर, कुछ को बसो से उनके गंतव्य को रवाना किया गया, गरीब मजदूरो को अपनी साइकिलो के यही पर छूट जाने का बडा मलाल रहा

गौरव सिंघल

देवबंद/सहारनपुर। पंजाब के लुधियाना और हरियाणा प्रांत से करीब पांच सौ प्रवासी मजदूर साइकिलो से और पैदल किसी तरह देवबंद पहुंचे। जहां एसडीएम देवेंद्र पांडे ने उनके लिए आनन-फानन में अरविंद सिंघल के बिजनेस मेनेजमेंट इन्फ्निटी इंस्टीच्यूट में रूकने, ठहरने और खाने-पीने और चिकित्सा आदि की व्यवस्था कराई। आज की तारीख में वहां ढाई सौ-तीन सौ लोग ठहरे है। कई लोगों की चप्पले पैदल चलते टूट गई है। देवबंद व्यापार मंडल के अध्यक्ष सभासद मनोज सिंघल की अगुवाई में सुभाष मित्तल, सतीश गिरधर, प्रवीन जैन, राजेश गुप्ता आदि ने पौने दो लाख की राशि से इन प्रवासी मजदूरो को जूते, चप्पल, गमछा, मास्क, सेनेटाइजर, हाथ धोने का साबुन, पीने के पानी की बोतले, दवाइयां, ग्लूकोज और छोटे बच्चो के लिए पेय पदार्थ आदि की व्यवस्थाएं कराई। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने एसडीएम देवेंद्र पांडे को इन लोगो के लिए खाद्य सामग्री भी भेंट की। एसडीएम ने उनका आभार जताया। 


इन प्रवासी मजदूरो ने बताया कि वे पंजाब और हरियाणा सरकारो द्वारा उनको घर भेजने की कोई व्यवस्था नहीं किए जाने से परेशान होकर कइयों ने मजबूरी में हजार, 12 सौ कीमत की पुरानी साइकिले खरीदी और उन्हीं के जरिए दिन-रात चलते हुए किसी तरह देवबंद पहुंचे। यहां उन्हें पुलिस-प्रशासन ने रोक लिया और आगे नहीं जाने दिया। सवा सौ लोगो को,जिनको एसडीएम ने सरकारी बसो से उनके गंतव्य पर रवाना किया,उन्हे अपनी साइकिले साथ नहीं ले जाने और यही पर छूट जाने का भारी मलाल था। इतनी ही साइकिलो के साथ और लोग यहां रूके हुए है। बदायूं जिले के चंदपुरा बिरया डांडा गांव निवासी 28 वर्षीय मजदूर शेख इशरत अली अपनी पत्नी अफसाना और दो छोटे बच्चो के साथ पंजाब के राजपुरा से साइकिल से देवबंद पहुंचा। साइकिल से यहां पहुंचे एक शख्स ने बताया कि यमुनापार करने के उन्होंने साइकिल समेत दो सौ रूपए दिए है। देवबंद के इस आश्रय स्थल पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर, गोरखपुर, महाराजगंज और बदायूं, पश्चिमी बंगाल के कोलकता और बिहार प्रांत के सैकडो प्रवासी मजदूर रूके है। 

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Prakash Pandey

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