नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल मंगलवार रात 8:00 बजे देश के नाम अपने संबोधन में कोरोना से लड़ने की अपील करते हुए देशवासियों के लिए कुल जीडीपी का 10% यानी 20 लाख करोड़ रूपया जारी करने का ऐलान किया.
आज बुधवार शाम प्रेस वार्ता के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार की योजनाओं से देश को वाकिफ कराया और 20 लाख करोड़ के उपयोग की जानकारी दी. वित्त मंत्री ने एक महत्वपूर्ण पैकेज देते हुए आयकर दाताओं को बड़ी राहत दी है. सरकार के मंशा की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि 2020-2021 के दौरान आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 कर दिया है. सरकार ने सभी धार्मिक न्यासों, गैर कारपोरेट कारोबारों, पेशेवरों, एलएलपी फर्म, भागीदारी, फर्मों को उनका लंबित रिफंड जल्द ही लौटाने का ऐलान भी किया. इससे पहले सरकार 5लाख रुपये तक के 18000 करोड रुपए तक रिफंड का भुगतान करदाताओं को कर चुकी है. इस योजना से 14 लाख करदाताओं को लाभ हुआ है.
विवाद से विश्वास योजना
सरकार ने टैक्स से संबंधित विवादों को खत्म करने के लिए लाई गई ‘विवाद से विश्वास योजना’ का लाभ भी बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ा दिया है. सरकार ने टीडीएस का रेट 25% भी घटाया है. यह इंटरनेट, रेंट, ब्रोकरेज सहित सभी पेमेंट पर लागू होगा. यह योजना 14 मई से शुरू होगी और 31 मार्च 2021 तक चलेगी. इस योजना के तहत लोगों के हाथ में 50 हज़ार करोड़ रूपये आएंगे.
आर्थिक पैकेज का ब्यौरा रखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया की सूक्ष्म लघु एवं मध्यम एमएसएमई उद्योग के लिए कई तरह की राहतों का ऐलान करने के साथ ही पिछले वित्त वर्ष के लिए इस आकलन वर्ष में भरी जाने वाली पर्सनल इनकम टैक्स रिटर्न और अन्य रिटर्न दोनों के लिए अंतिम तिथि 30 नवंबर 2020 तक बढ़ा दी गई है. उन्होंने लंबित कर विवादों के निपटारे के लिए लाई गई विवाद से विश्वास योजना का लाभ भी अब 31 दिसंबर 2020 तक लिया जा सकेगा.
वित्त मंत्री ने योजना की जानकारी देते हुए कहा कि लंबे समय से चले आ रहे टैक्स के विवादों के निपटारे के लिए अब 31 दिसंबर 2020 तक आवेदन किया जा सकेगा. इसके लिए उन्हें कोई अलग से किसी तरह का शुल्क नही देना होगा.










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