बज्म ए अदब कोटद्वार की ओर से मुशायरे मैं अदबी ख़िदमात के लिए शायरों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया…. उस्ताद शायर महेन्द्र अश्क व शादाब जफर शादाब...
नजीबाबाद का इतिहास और विश्व प्रसिद्ध नवाब नजीबुद्दौला का किला ऐतिहासिक धरोहर, पढ़िये वरिष्ठ पत्रकार शादाब ज़फ़र शादाब के नज़रिए से
कोरोना से बचाव को स्कूल ने बच्चों संग निकली रैली, बोलीं ग्लैडिश बच्चों का बेहतर भविष्य हमारा संकल्प
..उजाले मेरी ही आंखों में पाये जाते हैं, ये वो दिये हैं जो रो के जलाये जाते हैं.
ये कुर्सी हैं बदलने मैं ज़रा सी देर लगती है…..
माटी के रंग
समीक्षक : ललित शौर्य काव्य संग्रह: कवि और कविता प्रकाशक: शब्दअंकुर प्रकाशन मूल्य : 100रूपये मात्र कविताओं में यदि चैतन्यता हो तो वो हर कालखंड को स्पन्दित करती...
