यदि आप एक ही सत्र में 2 डिग्रियां करने का मंसूबा पाले हुए हैं तो आपके लिए खुशखबरी है. यूजीसी ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए ऐसी चाहत रखने वालों को खुशखबरी दी है साथ ही साथ यूजीसी ने प्रतिबंध भी लगाया है. यूजीसी के मुताबिक एक डिग्री रेगुलर और दूसरी डिस्टेंस लर्निंग के जरिए ली जा सकेंगी.
यूजीसी के सचिव रजनीश जैन ने कहा है कि
“आयोग की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है जिसके बाद छात्र एक साथ दोहरी डिग्री कोर्स पूरा कर सकते हैं. 2 डिग्रियों में से एक रेगुलर तरीके से और दूसरा ऑनलाइन डिस्टेंस मोड से पूरा करना होगा. इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना यूजीसी जल्द जारी करेगा.”
यह पहला मौका नहीं है जब यूजीसी ने इस विषय पर चर्चा की हो इससे पहले भी यूजीसी ने कमेटी बनाकर इस बात पर सब की राय ली थी लेकिन सहमति न बनने के कारण मामला अधर में लटक गया. कमेटी के इस सत्र में होने वाली बैठक में जब मामला उठा तो इसको मंजूरी मिल गई. यहां यह जान लेना जरूरी है कि अधिकतम दो ही पाठ्यक्रम एक सत्र में किए जा सकेंगे इससे अधिक की छूट नहीं होगी.
पहले दो कोर्स एक साथ करने का प्रावधान नहीं था. यूजीसी की छूट की सबसे खास बात यह है कि स्टूडेंट दो अलग-अलग स्ट्रीम में भी कोर्स कर सकते हैं. जैसे साइंस विषय का यदि कोई छात्र चाहे कि वह आर्ट स्ट्रीम में दूसरा कोर्स करें तो वह कर सकता है. इसमें शर्त यह है कि संस्थान को इसकी अनुमति देनी होगी.
रेगुलर के साथ डिस्टेंस लर्निंग के सवाल पर यूजीसी ने क्लियर किया है कि रेगुलर कोर्सेज के साथ मिनिमम अटेंडेंस का इश्यू जुड़ा होता है इसीलिए दूसरा कोर्स डिस्टेंस लर्निंग के जरिए ही किया जा सकेगा. इससे स्टूडेंट के बेहतर भविष्य के निर्माण में सहायता मिलेगी.










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