नई दिल्ली. कोरोना वायरस पर लगातार आए रही फेक न्यूज़ पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. सर्वोच्च न्यायालय ने फेक न्यूज़ वालों पर मुकदमा दर्ज करने के लिए सरकार को कहा है.
लॉक डाउन के बीच बड़े शहरों से कामगारों के प्लान के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने 31 मार्च को सुनवाई को आगे बढ़ाते हुए कहा कि फेक न्यूज़ घातक है. सरकार कोरोनावायरस पर रियल टाइम इंफॉर्मेशन के लिए 24 घंटे में एक पोर्टल बनाये.
सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को कहा कि फेक न्यूज़ के जरिए फैलाए जा रहे डर से निपटने के फेक न्यूज़ फैलाने वालों पर मुकदमा दर्ज किया जाये. कोर्ट ने आशंका जताई कि वायरस से ज्यादा कई जिंदगियां डर से तबाह हो जाएंगी. कोर्ट ने केंद्र को आदेश दिया कि प्रशिक्षित काउंसलर्स और कम्युनिटी लीडर्स को प्रवासियों को शांत करने के लिए लाएं. केंद्र ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि लोगों के सवालों के जवाब के लिए एक्सपर्ट्स की एक कमेटी का गठन किया जाना है जिसके बाद कोर्ट ने केंद्र को 24 घंटे का समय कमेटी गठन के लिए दिया. गौरतलब है कि कोरोना कर बारे में अफवाहों का दौर भी तेज है, ऐसे में लोग आशंका से ग्रसित हैं.

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