हैल्दी लाइफ

कोरोना से बचायेगी ख़ास दिनचर्या, स्पेशल डाइट से ठीक हुए 3 मरीज़

नोएडा/उत्तर प्रदेश. कोरोना के संक्रमण का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है. लोगों में डर साफ देखा जा रहा है. सरकार भी लॉक डाउन के जरिए लोगों को बचाना चाहती है. अपने ही घरों में लोग कैद हैं. लेकिन जिम्स यानी कि राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान की विचारधारा कोरोना को लेकर बिल्कुल अलग है. जिम्स में 10 दिन में करुणा के तीन मरीजों को बिल्कुल ठीक कर दिया. सबसे खास बात यह रही कि डॉक्टरों में न वेंटिलेटर का प्रयोग किया और ना ही कोई खास दवा दी इतना ही नहीं किसी भी तरह की मेडिकल इमरजेंसी की जरूरत भी नहीं पड़ी. डॉक्टरों ने बस स्पेशल डाइट, गर्म पानी और मोटिवेशन कोरोना का सबसे बड़ा इलाज माना है.

जानिए जिम्स के डायरेक्टर ब्रिगेडियर राकेश गुप्ता के विचार

राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान में 20 डॉक्टरों की टीम 24 घंटे हर मरीज पर नजर रखती है. हॉस्पिटल में एडमिट मरीजों का 24 घंटे नजर रखकर उनका तापमान और गतिविधियों को रिकॉर्ड किया गया. जिम्स के डायरेक्टर ब्रिगेडियर डॉ राकेश गुप्ता कहते हैं कि मरीजों का इलाज स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल को ध्यान में रखकर होता है. हेल्थी डाइट के साथ मरीजों को मोटिवेट भी किया जाता है. उन्होंने कहा कि हर मरीज को उनकी टीम अपने परिवार का पार्ट मानती हैं. डॉ गुप्ता खानपान के समय का सख्ती से पालन गरम पानी को कोरोना का सही उपचार मानते हैं.उन्होंने बताया कि मरीजों को डॉक्टरों की निगरानी में केवल गर्म पानी दिया गया जिससे उनके गले का दर्द बुखार और जुखाम ठीक रहा. उन्होंने सलाह दी कि मरीज को घबराना नहीं धैर्य रखना चाहिए.

इस डाइट ने किया कमाल

बकौल जिम्स, मरीजों को पीने के लिए केवल गरम पानी और खाने में दाल का पानी और सूप नाश्ते में दिया गया. ठंडा पानी, दही, चावल और ठंडी चीजों को मीनू से बाहर रखा गया. पपीता और सेब फल और हरी सब्जियां दाल, लौकी, तुरई लंच और डिनर में रखा गया. इसके साथ ही मरीजों का खाने का समय निर्धारित किया गया. सुबह 7:00 से 8:00 के बीच नाश्ता, दोपहर 12:00 से 1:00 के बीच लंच और 7:00 से 8:00 रात को खाने का समय रखा गया. इतना ही नहीं मरीजों को भरपूर नींद की सलाह दी गई और योग और हल्की एक्सरसाइज के लिए भी कहा गया. मोटिवेट करने के लिए वीडियो का सहारा लिया गया. बीमारी के दौरान सामान्य इस्तेमाल वाली दवाइयों का प्रयोग किया गया.

इस तरह किया काबू

डॉ गुप्ता के अनुसार आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीजों के ध्यान रखने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप का निर्माण किया गया जिसमें डॉक्टर्स की टीम, नर्स, मेडिकल स्टाफ और मरीज को शामिल किया गया. ग्रुप के जरिए पल पल की खबर ली जाती रही. खाने पीने का अपडेट किया जाता रहा और सभी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल की जाती रही. इसके साथ ही हर मरीज को थर्मामीटर दिया गया जिससे वह अपना तापमान चेक कर सकें.

डॉ गुप्ता की आमजन को सलाह

डॉक्टर गुप्ता कहते हैं कि

  • कोरोना से घबराना नहीं है बल्कि इससे बचने के लिए सतर्क रहना है.
  • भीड़भाड़ वाली जगह से बचना है.
  • सरकार के निर्देशों का पालन करना है.
  • समय-समय पर हाथ साफ करते रहना है. हेल्दी खाना खाना है और खुश रहना है. कोरोना अपने आप भाग जाएगा.