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यूपी पुलिस का ऑपरेशन क्लीन, 12 मस्जिद और दो मौलाना के मकान से 156 जमाती मिले

लखनऊ. दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात में शामिल लोगों की खोज पुलिस युद्ध स्तर पर कर रही है. कोरोनावायरस के सबसे बड़े केंद्र के रूप में निजामुद्दीन के मरकज के तार देश के 19 राज्यों से जुड़े हुए हैं. कश्मीर से लेकर अंडमान तक लोग इसमें शामिल रहे. उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जिलों से 11 मस्जिद और दो मौलानाओं के ठिकानों से तकरीबन 156 जमाती पुलिस ने पकड़े हैं. कानपुर से एक जमाती के संदिग्ध कोरोना वायरस होने की खबर भी आ रही है. पुलिस ने सभी जातियों को क्वॉरेंटाइन किया है और सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजा है. अलग-अलग जिलों से मिले जो जमातीयों की संख्या प्रदेश सरकार को परेशान कर रही है. सवाल यह है कि मनाही के बाद भी ऐसे आयोजन की जरूरत क्या थी?

आगरा में पुलिस ने पकड़े 89 जमाती

आगरा में पुलिस की 12 टीमों ने मस्जिदों में छापेमारी की जहां से 89 लोगों को 8 मस्जिदों से पकड़ा गया. सभी को होटलों में बने शेल्टर होम में 14 दिन के लिए क्वॉरेंटाइन कर दिया गया है. पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि अगर इनमें कोई भी विदेशी नागरिक हुआ तो उसके खिलाफ एफ आई आर दर्ज की जाएगी.

कानपुर में कोरोना का संदिग्ध

दिल्ली के मरकज में शामिल बाबू पुरवा निवासी आरिफ खान में कोरोना के लक्षण देखने के बाद उसे उर्सला अस्पताल में क्वॉरेंटाइन किया गया है. साथ ही साथ जांच के लिए सैंपल लिया गया है.

लखनऊ में 23 विदेशी गिरफ्तार

प्रदेश की राजधानी लखनऊ से 3 मस्जिदों में 23 विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया है. उन्हें क्वॉरेंटाइन किया गया है. कैसरबाग की मरकज मस्जिद में कजाकिस्तान और किर्गिस्तान के छह नागरिक मडियाव के मुटक्कीपुर गांव की मक्का मस्जिद में बांग्लादेश के 7 नागरिक और काकोरी के पलिया गांव की जामा मस्जिद में 10 बांग्लादेशी नागरिक पुलिस को मिले हैं. सबसे खास बात यह है कि इन मस्जिदों के मुतवल्ली ने प्रशासन को विदेशी नागरिकों के रुके होने की जानकारी नहीं दी थी.

हाथरस से पुलिस को मिले 15 जमाती

पुलिस ने एक मस्जिद से 15 जमातियों को पकड़ा है. सभी दिल्ली के जलसे से शामिल होकर लौटे थे. पुलिस ने पकड़े हुए लोगों के बारे में झारखंड और पश्चिम बंगाल के निवासी के रूप में पहचान कराई है. सभी को केएल जैन इंटर कॉलेज में क्वॉरेंटाइन किया गया है.

मौलाना के मकान से मिले 14 जमाती

जौनपुर के लाल दरवाजा बेगमगंज स्थित एक मौलाना के द्वारा लिए गए किराए के मकान से केंद्रीय खुफिया एजेंसी की सूचना पर स्थानीय पुलिस ने 14 बांग्लादेशी और दो भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है. मकान को किराए पर देने वाले केराकत कोतवाली के देहरी निवासी मौलाना मुजीब अकील के खिलाफ भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है.

मेरठ से मिले 14 जमाती

पुलिस को मेरठ में भी 14 जमाती मिले हैं. नेपाल, बिहार, दिल्ली, महाराष्ट्र के यह जमाती काशी में एक मौलाना के घर से मिले हैं. इंटेलिजेंस की इनपुट पर पुलिस ने सभी को पकड़ा है. सभी को उसी मकान में 14 दिन के लिए क्वॉरेंटाइन किया गया है.सूत्र कहते हैं कि यह जमाती कई दिन से ग्रामीणों से घुल मिल रहे थे, और घूम रहे थे. ऐसे में गांव पर खतरा मंडरा रहा है.

19 राज्य और तबलीगी जमात

तबलीगी जमात के तार 19 राज्यों से जुड़े हुए हैं. पुलवामा से दक्षिण में अंडमान तक के के लोग इस मरकज में शामिल हुए थे. ऐसे में पुलिस और इंटेलिजेंस पूरी मुस्तैदी के साथ जमातीयों की खोज पड़ताल में लगी है.( साभार )

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Prakash Pandey

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