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OMG: पैसों के लालच में दलित युवक ने अपने ही अपहरण और हत्या की रची साजिश,पुलिस ने खोल दी पोल, पुलिस ने किया चौंकाने वाला खुलासा

सहारनपुर. कम समय में ज्यादा पैसे कमाने के लालच आपने बहुत सुना होगा लेकिन सहारनपुर में आज पुलिस ने ऐसे मामले का खुलासा किया है जिसमें युवक ने जल्दी ही पैसे कमाने के चक्कर में अपने ही अपहरण और हत्या की साजिश रची. पुलिस की सक्रियता और कार्यवाही ने पूरे मामले पर से पर्दा हटा दिया और गायब युवक को सबके सामने पेश कर दिया.

मामला सहारनपुर जनपद के देहात कोतवाली क्षेत्र का है जहां 10 फरवरी को थाना देहात कोतवाली के गांव गदनपुरा के निवासी देशराज ने अपने18 वर्षीय बेटे नीरज की गुमशुदगी की तहरीर थाना देहात कोतवाली को दी थी. देशराज ने तहरीर में लिखा कि उसका बेटा जेवी जैन इंटर कॉलेज सहारनपुर में कक्षा 12 का छात्र है. वह सुबह कॉलेज अपना प्रवेश पत्र लेने के लिए गया था लेकिन शाम तक घर नहीं लौटा. देशराज की तहरीर पर पुलिस ने नीरज की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली. लेकिन 11फ़रवरी को गांव के पास ही हलालपुर नहर के किनारे से साइकिल, स्कूल बैग, जूते, एक चाकू, नीरज का आइडी व खून से सनी शर्ट पुलिस को मिली जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा संख्या 46/ 2020 धारा 360/ 201 भारतीय दंड विधान बनाम अज्ञात के खिलाफ पंजीकृत कर लिया. पुलिस को मामला सन्देहजनक लगा.

सहारनपुर के कप्तान दिनेश कुमार प्रभु ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना देहात कोतवाली के साथ-साथ अभिसूचना विंग को भी लगाया जिसके बाद पुलिस अधीक्षक नगर विनीत भटनागर व क्षेत्राधिकारी द्वितीय मुकेश कुमार मिश्र की निगरानी में पूरे मामले का खुलासा कर दिया गया. पुलिस के प्रयासों से नीरज को सरसावा से 2 मोबाइल फोन सहित सकुशल बरामद कर लिया गया.

पूरे मामले की जानकारी मीडिया से साझा करते हुए कप्तान दिनेश कुमार पी ने बताया कि नीरज ने खुद ही घायल होने का षड्यंत्र रचा था. नीरज ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि वह गरीब परिवार से है और शासन द्वारा हरिजन की हत्या का मुकदमा लिखे जाने पर सहायता हेतु पैसा दिया जाता है उसी के लाभ के लिए नीरज ने इस तरह का षड्यंत्र रचा था. नीरज ने स्वीकार किया कि चिलकाना बस स्टैंड पर मुर्गे की दुकान से मुर्गे का खून लेकर उसने शर्ट पर लगाया था ताकि पूरे मामले को घायल और अपहरण और उसके बाद हत्या करें रूप में दिखाया जा सके. कप्तान ने खुलासा करने वाली टीम को शाबाशी देते हुए यह भी बताया कि इस तरह की कोई भी योजना नहीं होती है. पूरा प्रकरण लालच में आकर अज्ञात के विरुद्ध 302 का मुकदमा दर्ज करा कर पैसे लेने की साजिश के तहत बनाया गया था.

सुनिये क्या कुछ बताया एसएसपी दिनेश कुमार पी ने

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Prakash Pandey

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