आप फेसबुक यूज़र हैं और सोशल मिडिया पर बिना सोचे समझे कुछ भी पोस्ट या शेयर करते हैं तो यह खबर आपके काम की हो सकती है.
प्रकाश कुमार पाण्डेय
नयी दिल्ली : जैसे जैसे समय हाइटेक हो रहा है, सुविधाएं बढ़ रही हैं वैसे ही उसके दुर्पयोग की समस्या भी खड़ी हो रही है. यकीनन सोशल मीडिया ने एक मुकाम हासिल किया है. लेकिन उसके फैलाव के साथ ही आरोप भी लगे हैं, आरोप उसके दुर्पयोग के. बीते कुछ वर्षों में जहां सोशल मीडिया ने सामाजिक क्रांति को जन्म दिया है वहीं फेक और पेड़ न्यूज़ ने सबसे बड़े प्लेटफार्म पर सवाल भी उठाए हैं. ‘फेक न्यूज और पेड न्यूज’ की समस्या पर अंकुश के लिए सोशल मीडिया खातों को आधार के साथ जोड़ने का केन्द्र को निर्देश देने के लिए उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की गयी है.
याचिका में याची ने कहा है कि फेक न्यूज़ और पेड न्यूज़ के मामलों में निर्वाचन आयोग और भारतीय प्रेस परिषद को कार्रवाई करना चाहिए, इसके लिए न्यायालय को जरूरी दिशा निर्देश देने चाहिए ताकि इस प्रकार के मामलों पर अंकुश लगाया जा सके.
याची के जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत फेक न्यूज़ और पेड न्यूज को भ्रष्ट आचरण घोषित कर कड़े कदम उठाने की मांग को अधिवक्ता अश्विनी दुबे ने याचिका याचिका के रूप में न्यायालय में फ़ाइल किया.
यह महत्वपूर्ण जनहित याचिका भाजपा नेता और अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने दायर की है. याचिका में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर फ़र्ज़ी खाता धारकों की लंबी फेहरिस्त है ऐसे में फर्जी सोशल मीडिया खाताधारकों की पहचान कर उन्हें हटाने के लिए सरकार को फेसबुक और ट्विटर जैसे मंचों के खाताधारकों को आधार से जोड़ना चाहिए.
अब अगर याचिका की मांग को स्वीकार कर न्यायालय सरकार को सोशल खाता धारकों के खातों को आधार से जोड़ने का निर्देश देती है तो यकीनन उन लोगों पर कड़ा प्रहार होगा जो इस प्लेटफार्म का दुर्पयोग करते हैं.


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