लखनऊ/ उत्तर प्रदेश. कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते पूरे देश में लॉक डाउन का तीसरा चरण चल रहा है. केवल जरूरत की दुकानों को ही खोलने की अनुमति है. मीट के कारोबार पर पूरी तरह से पाबंदी है. इसी बीच शनिवार को इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांस के व्यापार पर लगी रोक को हटाने की मांग की है. इससे पहले शायर मुनव्वर राणा भी मांस खाने की इच्छा जता चुके हैं.
मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने पत्र लिखकर मास के कारोबार से आर्थिक फायदा होने की बात का तर्क दिया है. उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि मास के कारोबार से रोज कमाने और खाने वालों की बड़ी आबादी जुड़ी हुई है जिस पर रोक के चलते व्यापारी परेशान हैं. महली ने कहा है कि हमारा देश भारत गोश्त निर्यात करने वाला सबसे बड़ा देश है और इस पर बड़ी आबादी आश्रित है जो रोज कमाती और खाती है. यह लोग गोश्त के व्यापार पर पाबंदी लग जाने से दाने-दाने दाने को मोहताज हो गए हैं.
शायर मुनव्वर राणा भी गोश्त खाने की इच्छा जता चुके हैं
मशहूर शायर मुनव्वर राणा ने शराब का कारोबार शुरू होने के बाद सरकार पर निशाना साधा था और एक ट्वीट के जरिए गोश्त पर लगी पाबंदी को हटाने और खाने देने की अनुमति देने के लिए कहा था. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा,” योगी जी शराब पीने वालों को शराब पी लाइए लेकिन हम लोगों को भी गोश्त खाने दीजिए”.
दरअसल शराब के कारोबार में छूट मिलने के बाद से ही गोश्त के कारोबार की मांग हो रही है.









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