लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार कोविड-19 महामारी के दौर में लगातार बड़े फैसले ले रही है. लोगों को रोजगार से लेकर राशन तक की व्यवस्था करने वाली उत्तरप्रदेश सरकार ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए एक और नया ऐलान किया है. अब सरकार जरूरतमंदों को एक हज़ार रुपये नगद और निशुल्क राशन उपलब्ध कराएगी.
किसको मिलेगा योजना का लाभ
उत्तर प्रदेश सरकार कि इस योजना का फायदा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के निराश्रितों को मिल सकेगा. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया है कि जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है उन्हें चिन्हित करके तत्काल एक हजार रुपया और पर्याप्त राशन उपलब्ध कराया जाए.
कब और क्या हुआ फैसला
सोमवार को यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी टीम-11 के साथ बैठक के दौरान ही निराश्रित को पर्याप्त राशन देने और उनके राशन कार्ड को बनाने के आदेश दिए. देहात क्षेत्रों में ग्राम प्रधान निधि से निराश्रितों को एक हज़ार रुपये भी दिए जाएंगे. जो ग्राम पंचायत छोटी होंगी जिनके निधि में पैसा नहीं होगा उनके लिए पैसों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए सभी जिलों के डीएम को निर्देशित किया गया है. बाद में यह पैसा सीएम रिलीफ फंड से वापस किया जाएगा. शहर में निराश्रितो की देखभाल नगर निकाय की होगी .उन्हें तत्काल राशन और एक हज़ार रुपये की मदद के साथ कहीं पर भी मृत्यु हो जाने पर अंतिम संस्कार के लिए 5000 रुपये की व्यवस्था की गई है.
आज 1 जून से सूबे में 18 करोड़ निराश्रित जरूरतमंदों को निशुल्क खाद्यान्न वितरण के निर्देश सरकार ने दिए हैं. प्रदेश में कोई निराश्रित आयुष्मान भारत योजना या मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में रजिस्टर्ड नहीं है और उसके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है तो उसके बीमार पड़ते ही ग्राम प्रधान निधि या नगर निकाय निधि से तत्काल ₹2000 की राशि उपलब्ध कराई जाएगी.
कोरोना वायरस के संक्रमण से या अन्य बीमारी से निराश्रित की मृत्यु की स्थिति में सरकार उसके अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराएगी. इसके लिए देहात क्षेत्र में ग्राम प्रधान निधि और नगर क्षेत्र में नगर निकाय निधि से तत्काल 5000 रुपये की व्यवस्था कराई जाएगी.
उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले के बाद से निराश्रित लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. जहां उन्हें राशन निशुल्क प्राप्त होगा वही 1000रुपये की मदद भी उनके जीविकोपार्जन में मददगार होगी.








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