मुजफ्फरनगर . जानकारी छुपाने के आरोप में मुख्य चिकित्सा अधिकारी मुजफ्फरनगर ने तीन चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी है. सीएमओ का आरोप है कि तीनों चिकित्सकों ने खांसी, बुखार, सांस लेने में कठिनाई आदि के लक्षणों वाले मरीजों की जानकारी सीएमओ कार्यालय में नहीं दी.
दरअसल, मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रवीण चोपड़ा ने नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को पत्र लिखकर कहा है कि कोविड-19 के संबंध में इनफेक्शन प्रीवेंशन कंट्रोल के प्रशिक्षण में समस्त निजी चिकित्सकों को अवगत कराया गया था कि निजी नर्सिंग होम, हॉस्पिटल, क्लिनिक, पैथोलॉजी लैब पर अगर कोई खांसी बुखार सांस लेने में कठिनाई आदि लक्षणों वाला मरीज इलाज करने आता है तो उसकी सूचना तत्काल मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराई जाए. अपनी शिकायती पत्र में आगे सीएमओ ने लिखा कि जनपद के डॉक्टर अरुण अरोरा द्वारा मरीज उत्कर्ष, डॉक्टर एम एल गर्ग द्वारा मरीज रितु मित्तल, वैभव मित्तल और डॉक्टर हेमंत कुमार द्वारा मरीज उत्कर्ष मित्तल को देखा गया. लेकिन तीनों ही डॉक्टर्स ने इसकी सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध नहीं कराई.
अब सीएमओ ने शिकायती पत्र लिखकर तीनों चिकित्सकों के खिलाफ एपिडेमिक एक्ट और जरूरी कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने के लिए अनुरोध किया है. सीएमओ मुजफ्फरनगर ने शिकायत पत्र की प्रतिलिपि बकायदा जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर को भी भेजी है.









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