कोरोना से जुड़े पांच मिथक, जो आपको जरूर जानने चाहिए! अधिक गर्मी और सर्दी का वॉयरस से लेना देना नही. AIIMS की राय जरूर पढिये..
नई दिल्ली. कोरोना ऐसा नाम जिसे आप सुनना भी नही चाहते, लेकिन परिणाम भयावह होने के चलते इसके बचाव को लेकर चिंतित रहते हैं. यही चिंता आपको बचाव के विकल्पों को तलाशने को मजबूर कर देती है. फिर शोशल मीडिया पर शोध होता है. और लोग अपने अपने तरीके सभी के आमने रख देते हैं. कोई गर्म वातावरण में कोरोना के खत्म होने की बात कहते हैं तो कोई ठंड में फैलने की बात कहते हैं. मांस से लेकर मदिरा तक पर सलाह दी जाती है. मदिरा से कोरोना के खात्मे की बात की जाती है तो मांस से फैलने की बात. माने हर पक्ष पर अपनी राय. ऐसे में आप परेशान रहते हैं कि क्या सलाह मानी जाए और क्या नहीं. इन्हीं भ्रान्तियों को लेकर एम्स के निदेशक ने कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपने विचार दिये हैं. आइये जान लेते हैं-
मास्क के प्रयोग से क्या बचाव संभव है?
कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए सबसे महत्वपूर्ण सलाह में मास्क का प्रयोग प्रचलन में है. लोग साधारण या सर्जिकल मास्क पहन रहे हैं. बाजार में उपलब्ध n95 मास्क ऐसी जगह पर पहन सकते हैं जहां संक्रमण का खतरा अधिक है. आम जगहों जैसे आउटिंग, शॉपिंग आदि पर मास्क न भी पहनें तो कोई प्रभाव नही पड़ेगा.
न शराब से कम होगा न ही मांस से बढ़ेगा
वॉयरस आम तौर पर जानवर से मनुष्य में तेजी से फैलता है लेकिन कोरोना मनुष्य से मनुष्य में फैल रहा है. ऐसे में यदि कोई मांस को ठीक से पका कर खाये तो कोई समस्या नही होगी. शराब पीने या न पीने से इसका कोई कोई वास्ता नही है.
ख़तरा ग्लब्ज़ में भी है
ग्लब्ज़ में खतरा नही होगा यह मिथक है. बस बचाव की जरूरत है. स्वच्छ रहिये और सर्दी खांसी से पीड़ित व्यक्ति से बचिए. बचाव ही सुझाव है.
गर्मी और सर्दी से कोई रिश्ता नही
कोरोना का अधिक गर्मी और अधिक सर्दी से कोई रिश्ता नहीं है. यह दोनों मौसम में फैल रहा है. ऐसे परिणाम देखने मे आये हैं. बचाव के लिए साफ सुथरे वातावरण का चयन कीजिए.
संक्रमित से रखिये दूरी
संक्रमित व्यक्ति से दूरी भी बचाव में कारगर है. डर से सभी से दूरी बना लेना भी ठीक नही है. बस दो मीटर की दूरी पीड़ित से बनाकर रखिये.
गौरतलब है कि भारत मे भी कोरोना ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं. सात राज्य प्रभावित हैं. इसी के चलते भारत ने खुद को एक महीने के लिए दुनिया से अलग कर लिया है. भारत मे इस समय 76 रोगी चिन्हित हैं. भारत सरकार इस दिशा में लगातार निर्देश जारी कर रही है.

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