कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखकर भारत सरकार ने कोरोना प्रभाव को रोकने के मकसद से आरोग्य सेतु एप लांच किया था. आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड करवाने के लिए सरकार ने पहले दिन से ही कोशिशें तेज कर दी थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद देश की जनता से आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करने की अपील कर चुके हैं लेकिन अभी बहुत लोग ऐसे हैं जिन्होंने आरोग्य सेतु ऐप को डाउनलोड नहीं किया है.
ऐसे लोग जिन्होंने अभी तक आरोग्य सेतु ऐप को डाउनलोड नहीं किया है उनके लिए यह खबर बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस ऐप को डाउनलोड ना करने पर इंडियन पीनल कोड की धारा 188 के तहत गंभीर कार्रवाई हो सकती है जिसके मुताबिक ₹1000 या 6 महीने की जेल या दोनों से दंडित किया जा सकता है. इस बाबत नोएडा में प्रशासन ने आदेश जारी कर दिए हैं.
क्या कहता है आदेश
नोएडा प्रशासन के अनुसार जो लोग नोएडा अथवा ग्रेटर नोएडा में रह रहे हैं उन्हें अपने स्मार्टफोन में यह ऐप रखना होगा अन्यथा की स्थिति में उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा. इस धारा के अंतर्गत 6 महीने की कैद या ₹1000 जुर्माना लगाया जा सकता है.
इस बाबत डीसीपी लॉ एंड ऑर्डर अखिलेश कुमार सिंह ने कहा
“यह जुडिशल मजिस्ट्रेट तय करेंगे कि व्यक्ति को चेतावनी देकर छोड़ दिया जाए या जुर्माना अथवा जेल होगी. अगर लोग इसे जल्द डाउनलोड कर लेंगे तो हम उन्हें जाने देंगे. हम ऐसा सिर्फ इसलिए कर रहे हैं कि लोग आदेश को गंभीरता से लें. अगर फोन में डाटा नहीं है तो हम तुरंत ही उन्हें फोन का हॉटस्पॉट देंगे. अगर फोन में जगह नहीं जैसी समस्या आएगी तो हम व्यक्ति का फोन नंबर लेंगे और बाद में कॉल करके चेक करेंगे कि डाउनलोड किया या नहीं पुलिस. जहां भी ड्यूटी पर है इसकी जांच करेगी.
ऑफिस और संस्थानों के ढील मिलने के बाद से यह ऐप उन लोगों के लिए अनिवार्य हो जाता है जो किसी संस्थान में काम कर रहे हैं. केंद्र सरकार के इस आदेश को यदि राज्य सरकारें चाहे तो और कड़ाई से लागू करा सकते हैं. इस आदेश के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सख्ती देखी जा सकती है. माना जा रहा है कि नोएडा में सफल होने के बाद प्रदेश में भी इस कानून का सहारा लिया जा सकता है.
ऐसे में बोल बचन टीम भी आप से गुजारिश करती है कि आप अपने मोबाइल में आरोग्य सेतु एप जरूर डाउनलोड करें और सही डिटेल्स के साथ डाउनलोड करें.





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