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एक्सक्लूसिव

फ़ीस को लेकर सरकार ने स्कूल संचालकों को दिए आदेश, अधिकारियों को कड़ाई से पालन के निर्देश

लखनऊ. स्कूल फीस को लेकर प्रदेश में चल रहे प्रदर्शन के बीच सरकार ने आदेश जारी किए हैं. आदेश के मुताबिक सरकार ने अभिभावकों से मासिक शुल्क जमा करने के आदेश दिए हैं. साथ ही साथ स्कूल फीस ना दे सकने की स्थिति में विद्यार्थियों को शिक्षा से वंचित ना रखने के आदेश भी सरकार ने जारी किए हैं.


सरकार के निर्देश पर एडिशनल चीफ सेक्रेटरी आराधना शुक्ला ने पूर्व में जारी तीन शासनादेशों 7 अप्रैल 2020 मासिक शुल्क लिए जाने के विषय में, 21 अप्रैल 2020 लॉक डाउन की अवधि में परिवहन शुल्क न लिए जाने के विषय में और 27 अप्रैल 2020 शुल्क वृद्धि न किए जाने के आदेशों का हवाला दिया है.

नियमित वेतन पाने वाले फीस जमा करें

उन्होंने कहा है कि जो अभिभावक नियमित रूप से वेतन प्राप्त कर रहे हैं वह भी शासनादेश के मुताबिक मासिक रूप से शुल्क जमा नहीं कर रहे हैं. ऐसे अभिभावकों को जो मासिक शुल्क जमा करने की स्थिति में है उन्हें शुल्क तत्काल जमा कर देना चाहिए. इसके पीछे उन्होंने स्कूलों के शिक्षकों समेत स्टाफ के वेतन का हवाला दिया है.

सरकार ने इन लोगों को माना सक्षम

एडिशनल चीफ सेक्रेटरी आराधना शुक्ला ने नियमित वेतन भोगी, सरकारी सार्वजनिक उपक्रम और अन्य अभिभावक जो इनकम टैक्स देते हैं उन सभी से प्राथमिकता के आधार पर स्कूल फीस जमा करने के लिए कहा है.

समस्या से जूझ रहे लोगों को राहत

एडीशनल चीफ सेक्रेट्री ने आर्थिक कठिनाइयों और परिस्थितियों से गुजर रहे अभिभावकों के लिए राहत देते हुए कहा है कि जो अभिभावक शुल्क जमा करने में असमर्थ हैं वह कारण को लिखकर विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रबंधक को प्रार्थना पत्र दें जिस पर विद्यालय परिवार सकारात्मक विचार करते हुए आसान किस्तों में शुल्क लेना निश्चित करें.

नाम नही काट सकते स्कूल संचालक

इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि यदि इसके बावजूद भी कोई अभिभावक शुल्क जमा नहीं कर पाता तो उनके छात्र को ऑनलाइन शिक्षा से वंचित न किया जाए और ना ही इस आधार पर किसी छात्र का नाम विद्यालय से काटा जाए.

अगर किसी पक्ष की सहमति न हों तो इस तरीके को अपनाएं

अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने कहा है कि आदेश से संबंधित किसी भी पक्ष के असहमति व्यक्त करने पर स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय के अंतर्गत गठित जिला शुल्क नियामक समिति के समक्ष दूसरे पक्ष द्वारा आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है जिस पर समिति 1 सप्ताह में निर्णय लेगी.

सभी बोर्डों पर लागू होगा आदेश

महत्त्वपूर्ण बात यह है कि प्रदेश में आने वाले सभी प्रकार के बोर्डों पर अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला के आदेश लागू होंगे.

आदेश के अनुपालन की जिम्मेदारी इनकी

आदेशों के कड़ाई से अनुपालन करने के लिए सभी जिलाधिकारियों, शिक्षा निदेशक, माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव, सभी संयुक्त शिक्षा निदेशक और सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देशित किया गया है.

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Prakash Pandey

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