Gorakhpur/ up. देश में कोरोना के चलते लॉक डाउन 17 मई तक घोषित किया गया है. इसके बाद भी लॉक डाउन के खत्म होने की संभावना नहीं है. प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक बयान में देश को संबोधित करते हुए इस बात की पुष्टि भी की. कहने का मतलब है कि देश लॉक डाउन 4.0 के लिए तैयारी कर रहा है. ऐसे में पास के जरिए व्यापारी या आर्थिक या फिर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए पास ही एकमात्र उपाय है. सरकार में जनता की समस्या को देखते हुए e-pass की सुविधा उपलब्ध कराई थी लेकिन अब ईपास के नाम पर फ्रॉड होने की खबरें भी आ रही है.
दरअसल यदि आप भी पास बनवा रहे हैं तो आपको विशेष सावधानी बरतनी होगी. मतलब साफ है कि ई पास के लिए आपको स्वयं ही कोशिश करनी होगी क्योंकि ईपास की आड़ में जाल साज सक्रिय हो गए हैं. जाल साज लोगों से मोटी रकम लेकर उनको ही पास उपलब्ध करवा देते हैं.
क्या है मामला
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ यानी गोरखपुर से जालसाजी की खबर सामने आई है. गोरखपुर पुलिस ने जालसाजी के एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों सहित पास बनाने के उपकरण भी बरामद किए हैं.
दरअसल तिवारीपुर थाना क्षेत्र के जाफरा बाजार निवासी मोहम्मद इस्लाम मीट की दुकान चलाता है. हालांकि पूरे देश में लॉक डाउन है बावजूद इसके उसने मीट की दुकान चलाने के लिए फर्जी पास का सहारा लिया. मामले का खुलासा तब हुआ जब तिवारीपुर थाना क्षेत्र प्रभारी सत्य प्रकाश सिंह और उनकी टीम वाहनों की चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान वहां से गुजरते हुए मोहम्मद इस्लाम में अपने फर्जी पास के साथ पुलिस की पकड़ में आ गया. पुलिस जानती थी कि जिला प्रशासन के द्वारा मीट की दुकान खोलने की अनुमति नहीं है. इस संबंध में कोई भी पास जारी नहीं किया गया है. जब पुलिस ने सख्ताई की तो वह जानकर हैरान रह गई. पुलिस को पता चला कि मीट व्यापारी के पास फर्जी पास है.
क्या कुछ कबूल किया मोहम्मद इस्लाम ने
पुलिस की सख्ती के बाद इस्लाम ने अपना अपराध स्वीकार किया और उसने बताया कि बेनीगंज थाना कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले अनस ने उसका पास बना कर दिया है. पुलिस ने अनस को दबोच लिया. पूछताछ में अनस ने बताया कि पैसे के लालच में वह फर्जी पास बना रहा था अनस ने स्वीकार किया कि उसने तीन लोगों का फर्जी पास अभी तक बना कर दिया है. अनस के लैपटॉप में चार लोगों के पास और मिले.(साभार)












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