नई दिल्ली. कोरोनावायरस से निपटने के लिए सरकार द्वारा संस्थाओं और आमजन से सुझाव मांगे जा रहे हैं. बीमारी से निपटने के लिए कई संस्थाएं सुझाव लेकर सरकार के सामने आई हैं लेकिन सेना के द्वारा दिया गया सुझाव सबसे अधिक चर्चा में है. सेना ने बेरोजगारी से निपटने के लिए 3 साल के लिए युवाओं को सेना में इंटर्नशिप देने के लिए सुझाव दिया है.
सुझाव के मुताबिक कोरोनावायरस से प्रभावित देश की अर्थव्यवस्था को ठीक करने और बेरोजगारी कम करने के लिए सेना 3 साल तक इंटर्नशिप चलाएगी. साथ ही साथ इस प्रोग्राम के तहत अधिकारियों और सैनिकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा.
सेना शुरू करेगी टूर ऑफ ड्यूटी
प्रस्ताव में आगे कहा गया है कि यह प्रोग्राम उन युवाओं के लिए होगा जो सेना में करियर नहीं बनाना चाहते लेकिन राष्ट्रवाद और देशभक्ति से ओतप्रोत हैं और सेना के काम का रोमांच लेना चाहते हैं. सेना ने इस 3 साल के प्रोग्राम को टूर आफ ड्यूटी नाम दिया है.
क्या कहा सेना के प्रवक्ता ने
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक सेना के प्रवक्ता जनरल अमन आनंद बताया कि इस तरह के प्रस्ताव पर चर्चा जरूर हुई है लेकिन अभी इस पर कोई अधिकारिक फैसला नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि पहले इसका ट्रायल किया जाएगा उसके बाद ही विस्तार किया जाएगा.
बिना सरकारी आर्थिक मदद के सहयोग करेगी सेना
जो सुझाव सेना ने दिया है इसके मुताबिक इसको अमल में लाने के लिए 80 से 85 लाख रुपए तकरीबन 3 साल में खर्च होंगे. बताया जा रहा है कि सेना के ही जवानों के बजट से इसकी भरपाई की भी योजना है जिससे सरकार पर अतिरिक्त बोझ न पड़े. सेना के इस प्रशिक्षण के बाद बड़ी कंपनियों में युवाओं के लिए नौकरी के रास्ते खुलेंगे और युवाओं को इस ट्रेनिंग का फायदा होगा.






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