रांची. प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर झारखंड सरकार ने सख़्त रवैया अपनाया है. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने गुरुवार को सख्त आदेश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी परिस्थिति में स्कूल फीस जमा नहीं करने की वजह से किसी भी छात्र का नामांकन रद्द नहीं कर सकेंगे सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था की सुविधा से भी किसी भी छात्र को वंचित नहीं किया जा सकेगा. सरकारी आदेशों के उल्लंघन पर सरकार द्वारा सख्त कदम उठाया जाएगा और स्कूल का एनओसी प्रमाण पत्र रद्द कर दिया जाएगा.
क्या हैं सरकार के आदेश
विभागीय आदेश के मुताबिक
1- वर्ष 2020- 2021 के दौरान स्कूल, फीस में वृद्धि नही कर सकेंगे.
2- स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने से पहले तक केवल ट्यूशन फीस ही ले सकेंगे.
3- स्कूल में जितने भी बच्चे हैं सभी को बिना किसी भेदभाव के ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे, इसके लिए जरूरी आईडी और पासवर्ड के साथ बच्चों को शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराएंगे.
4- जब तक स्कूल बंद रहेंगे तब तक किसी भी प्रकार का वार्षिक शुल्क, यातायात शुल्क या अन्य किसी प्रकार का शुल्क अभिभावकों से नहीं वसूला जाएगा.
5- स्कूल खुलने के बाद इसके समान अनुपात में फीस ले पाएंगे.
6- किसी भी परिस्थिति में अभिभावकों से विलंब शुल्क नहीं लिया जाएगा.
7- विद्यार्थियों और अभिभावकों को किसी भी रूप में परेशान नहीं किया जाएगा.
8- शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के वेतन में कटौती नहीं किया जाएगा.
9- स्कूल प्रबंधन कोई नया मद सृजित करके अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव नहीं बनाएंगे.
आदेशों का उल्लंघन हुआ तो क्या होगा
सरकार की ओर से विभागीय आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यदि उपरोक्त आदेशों का स्कूल उल्लंघन करते हैं तो ऐसे स्कूलों का अनापत्ति प्रमाण पत्र सरकार रद्द कर सकती है जिससे स्कूल की मान्यता खतरे में आ जाएगी.



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