प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कोरोना संक्रमण के बीच छठी बार देश को संबोधित किया. चीन कोरोना सभी से अलग प्रधानमंत्री का संबोधन गरीबों पर रहा. गरीबों के लिए योजना बनाने पर रहा. प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के दौरान गरीबों को नवंबर के महीने तक तकरीबन 80 करोड लोगों को 90000 करोड रुपए की लागत से फ्री अनाज देने का ऐलान किया है. देश के गरीबों को इस योजना का लाभ वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत दिया जाएगा. देश में 1 जून से वन नेशन वन राशन कार्ड योजना को शुरू किया गया है जिसके जरिए अब नवंबर महीने तक फ़ायदा होगा.
लॉकडाउन में चर्चा का केंद्र रहे प्रवासी मजदूरों को वन नेशन वन राशन कार्ड से सबसे अधिक लाभ होगा. इस योजना के तहत राशन कार्ड बनाने वाले लोगों को देश में किसी भी राज्य में रियायती दरों पर गेहूं चावल मिल जाएगा.
क्या राशन कार्ड का फायदा गेहूं चावल तक ही रहेगा
नहीं राशन कार्ड के और भी फायदे हैं. केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना वन नेशन वन राशन कार्ड मोबाइल पोर्टेबिलिटी की तरह ही है. जैसे मोबाइल पोर्ट कराने के बाद आपका मोबाइल नंबर नहीं बदलता और पूरे देश में वही नम्बर रहता है. इसी तरह आपका राशन कार्ड का नंबर भी नहीं बदलेगा. आप इस राशन कार्ड से दूसरे राज्यों में भी राशन ले सकते हैं.
योजना का लाभ लेने के लिए किन चीजों की जरूरत पड़ेगी
देशभर में वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत लाभ लेने के लिए 2 दस्तावेजों की जरूरत होगी पहला आपका राशन कार्ड और दूसरा आधार कार्ड. यदि आप किसी दूसरे राज्य में जाकर राशन कार्ड का फायदा उठाना चाहते हैं तो आप का वेरिफिकेशन आधार नंबर के आधार पर ही किया जाएगा. पीडीएस के हर राशन कार्ड की दुकान पर एक इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल डिवाइस होगा और उसी से लाभार्थी का वेरिफिकेशन उस आधार नंबर के आधार पर किया जाएगा.
राशन कार्ड के अन्य फायदे
राशन कार्ड प्रत्येक नागरिकों के लिए जरूरी नहीं है जो व्यक्ति चाहे केवल वही इसको बना सकता है. इसके द्वारा उचित दर की दुकानों से गेहूं चावल बाजार भाव से रियायती दरों पर उपलब्ध कराया जाता है. कई जगहों पर इसे प्रमाण पत्र, पहचान प्रमाण पत्र के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है.
और क्या है उपयोग
राशन कार्ड ऐड्रेस प्रूफ और आईडी प्रूफ के रूप में भी प्रयोग किया जाता है. इसके जरिए बैंक में खाता खोलना, बच्चों का स्कूल कॉलेज में नाम लिखवाना, एलपीजी गैस कनेक्शन लेना, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना, सरकारी दस्तावेज में निवास प्रमाण पत्र बनवाना, मतदाता पहचान पत्र बनवाना, सिम कार्ड खरीदना, पासपोर्ट बनवाना, लाइफ इंश्योरेंस की पॉलिसी लेना, लैंडलाइन कनेक्शन लेना, ब्रॉडबैंड या वाईफाई लगवाना, आधार कार्ड बनाना या फिर उसके ब्यौरा को अपडेट कराना, और पैन कार्ड बनवाना हो ऐसे में राशन कार्ड की जरूरत पड़ती है.
कौन बनवा सकता है राशन कार्ड
यहां यह जान लेना जरूरी है कि भारत में रहने वाले हर व्यक्ति का राशन कार्ड नहीं बनता. इसके लिए एक निश्चित आय होनी चाहिए जिसकी अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग सीमाएं हैं. आमतौर पर गरीबी रेखा के ऊपर, गरीबी रेखा के नीचे और अंत्योदय परिवारों के लोगों को अलग अलग तरह का राशन कार्ड जारी किया जाता है. अंत्योदय योजना सरकार की योजना है जिसमें बहुत ही गरीब लोगों को रखा गया है.
कैसे बनवाएं अपना राशन कार्ड
- राशन कार्ड बनवाने के लिए पहली शर्त भारत का नागरिक होना जरूरी है.
- राशन कार्ड बनवाने वाले का किसी दूसरे राज्य में राशन कार्ड नहीं होना चाहिए.
- जिसके नाम पर राशन कार्ड बन रहा है उसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए. 18 वर्ष के कम उम्र के बच्चों का नाम माता-पिता के राशन कार्ड में शामिल किया जा सकता है.
- एक परिवार में परिवार के मुखिया के नाम पर राशन कार्ड होता है. राशन कार्ड में जिन सदस्यों को शामिल किया जा रहा है उनका परिवार के मुखिया से नजदीकी संबंध होना जरूरी है.
- परिवार के किसी भी सदस्य का उससे पहले से कोई भी राशन कार्ड में नाम नहीं होना चाहिए.





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