लखनऊ. देश को तालाबंदी से मुक्त कराने के लिए दूसरे कदम की शुरुआत हो चुकी है जिसे अनलॉक टू का नाम दिया गया है. केंद्र सरकार के फैसले के बाद गृह मंत्रालय ने इससे संबंधित आदेश भी जारी कर दिया जिसमें कई पाबंदियों के साथ अधिकांश क्षेत्रों में छूट दी गई थी जबकि कुछ अनलॉक वन की तरह ही जारी रखने का निर्णय लिया गया था. गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार में भी कई बिंदुओं पर प्रदेशवासियों को नियम के साथ ही अनलॉक टू के दिशा निर्देश जारी कर दिया जिसको हर हाल में सभी को मानना होगा. प्रदेश सरकार की ओर से सरकार के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने सभी मंडलायुक्त, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक रेंज , पुलिस आयुक्त लखनऊ/ गौतम बुध नगर, सभी जिलाधिकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर सरकार के आदेश के अनुपालन के दिशा निर्देश जारी किए गए हैं.
वह महत्वपूर्ण बिंदु जो आपको जान लेनी चाहिए
अनलॉक टू के दिशा निर्देश 31 जुलाई 2020 तक लागू रहेंगे.
कंटेनमेंट जोन पहले की तरह ही प्रतिबंध रहेंगे जबकि उसके बाहर
- सभी स्कूल, कॉलेज, शैक्षिक, प्रशिक्षण, कोचिंग संस्थान, 31 जुलाई 2020 तक बंद रहेंगे. ऑनलाइन दुरस्त शिक्षा पूर्व की तरह जारी रहेगी.
- केंद्र और राज्य सरकार के प्रशिक्षण संस्थान 15 जुलाई 2020 से शुरू किए जाएंगे जिसके लिए प्रशिक्षण विभाग और कार्मिक द्वारा स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर अलग से जारी किया जाएगा.
- केवल गृह मंत्रालय से अनुमति प्राप्त अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्राएं ही जारी रहेंगी.
- मेट्रो सेवाएं बंद रहेंगी.
- सभी सिनेमा हॉल, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर बार और सभागार असेंबली हाल और इस तरह के स्थान बंद है. सभी सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, कार्यक्रम अन्य सामूहिक गतिविधियां बंद रहेंगी. इसको जारी करने के लिए अलग से आदेश जारी किए जाएंगे.
- पूरे प्रदेश में रात के 10:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक किसी भी तरह के वाहन और व्यक्ति के आने-जाने पर रोक रहेगी. यह नियम मेरठ मंडल में लागू नहीं होगा.
- इसके अलावा आवश्यक गतिविधियों को छोड़कर औद्योगिक इकाइयों के मल्टीपल शिफ्ट, राज्य एवं राजकीय राजमार्गों पर और माल का परिवहन मान्य लोडिंग अनलोडिंग और बसों ट्रेनों व हवाई जहाजों से अपने गंतव्य स्थलो को जाने वाले व्यक्ति यात्रियों को भी शामिल किया गया है.
- सीआरपीसी के तहत निषेधाज्ञा जारी कर कठोरता के साथ अनुपालन के लिए कहा गया है.
- मेरठ में रात का कर्फ्यू 10 10 जुलाई तक रात के 8:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक लागू रहेगा.
- लॉकडाउन कंटेनमेंट जोन में 31 जुलाई तक रहेगा.
- कंटेनमेंट जोन में केवल जरूरी गतिविधियों को अनुमति होगी आवागमन पर पूरी तरह से रोक होगी और पूर्व के नियम ही जारी रहेंगे.
- कंटेनमेंट जोन के बाहर केस मिलने की संभावना पर बफर जोन घोषित किया जा सकता है.
- कंटेनमेंट जोन के बाहर परिस्थितियों के अनुसार ही आवश्यक गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकती है.
- जिनमें व्यक्तियों या वस्तुओं को राज्य के अंदर या दूसरे राज्यों में परिवहन पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा.
- पैसेंजर ट्रेन में संभव श्रमिक योजना द्वारा आवागमन, घरेलू हवाई यात्रा, विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों का आगमन विदेशी राष्ट्रको निकालने के लिए आवागमन की अनुमति निर्धारित एसओपी के अनुसार ही करने के आदेश.
- 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, एक या एक से अधिक बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं और 10 वर्ष के नीचे की आयु के बच्चों को घर के अंदर ही रखने के आदेश दिए गए गए हैं.
- इसके अलावा आरोग्य सेतु एवं आयुष कवच कोविड-19 प्रयोग करने के लिए कहा गया है. इसके तहत सभी कर्मचारियों कार्मिकों को संक्रमण से बचाव के लिए इन दोनों को अपने मोबाइल में रखना होगा.इसके लिए जिला प्रशासन को आम जनमानस को प्रोत्साहित करने के लिए कहा गया है.
कानून का पालन नहीं किया तो क्या होगा
लोक डाउन के दिशा निर्देशों के उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 100 60 तक तथा भारतीय दंड विधान की धारा 188 में दिए गए प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी. इस संबंध में सभी जिलाधिकारी को कठोरता से कानून का अनुपालन कराए जाने के आदेश दिए गए हैं.





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