सहारनपुर /उत्तर प्रदेश. कोरोना वायरस महामारी के चलते आर्थिक स्थिति बिगड़ जाने के कारण लाखों की संख्या में प्रवासी मज़दूर अपने घर पहुंचना चाह रहे हैं. इसी चाहत के चलते सड़कों पर प्रवासी मजदूरों को पैदल चलते हुए देखा जा सकता है.
पंजाब, हरियाणा, हिमाचल से बिहार जाने के लिए घरों से निकले प्रवासी मजदूर सहारनपुर में राधा स्वामी सत्संग भवन में रोके गए थे. आज शुक्रवार को प्रशासन ने शासन के निर्देश पर चली विशेष ट्रेन से 1000 लोगों को उनके गृह जनपद बिहार जाने के लिए ट्रेन में बैठाकर रवाना किया. जाते समय सभी का मेडिकल परीक्षण किया गया और सभी को मेडिकल के प्रमाण पत्र दिए गए.
सवाल जो दिल को छू गए
प्रवासी मजदूर आज ट्रेन में बैठ कर घर जाने के लिए जहां खुश दिखाई दिए वही उनकी आंखों में बेरोजगारी का दर्द साफ दिखाई दे रहा था. भीगी पलकों के साथ काम के छूटने की पीड़ा शब्दों पर थी. आंखों में दर्द के बावजूद प्रवासी भारतीयों के जुबान पर प्रशासन के लिए शुक्रिया था. मजदूरों ने प्रशासनिक सहयोग के लिए सहारनपुर जनपद के प्रशासन को शुक्रिया कहा और बेरोजगारी का दंश और आंखों में निराशा लिए ट्रेन से रवाना हो गए.
डीआईजी सहारनपुर ने कहा
इस मौके पर डीआईजी सहारनपुर रेंज उपेंद्र अग्रवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार सरकार में आपसी सहमति के बाद आज विशेष ट्रेन चलाई जा रही है सहारनपुर से बेतिया के लिए जिसमें 1320 मजदूरों को उनके गृह जनपद भेजा जा रहा है.

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि सभी स्टेशनों पर यह संदेश दिया गया है कि कोई भी इस गाड़ी में चढ़े और उतरे ना. उन्होंने कहा गाड़ी सीधे बिहार के कुछ स्टेशनों में रुकेगी बीच में कहीं भी इस गाड़ी का स्टॉपेज नहीं होगा. उन्होंने कहा कि शेष लोग जो राधा स्वामी सत्संग भवन में रुके हुए हैं उनके लिए सरकार वार्ता कर रही है जल्द ही इनके लिए भी कोई व्यवस्था की जाएगी.










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