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बोल वचन खास

Lock Down 4.0: कोरोना ने कम की शीर की मिठास, इस जिले में ईद का 200 करोड़ का कारोबार चौपट

-सहारनपुर जनपद में सामाजिक दूरी के साथ घरो पर ही पढी गई ईद की नमाज
-सहारनपुर में कोरोना से ईद का हुआ करीब 200 करोड का कारोबार चौपट

GAURAV SINGHAL

सहारनपुर। इतिहास में पहली बार ईद जैसा पर्व रस्म अदायगी तक सीमित रह गया। न नई पोशाके और न ही बच्चो के हाथ में रंग-बिरंगे गुब्बारे नजर आए। ईदगाह और तमाम मस्जिदे आज भी सूनी थी। कोरोना महामारी के चलते सहारनपुर और देवबंद में मुस्लिमो ने सामाजिक दूरी बनाए रखकर ईद की नमाज अदा की। सहारनपुर और देवबंद जेल में नमाज के लिए अलग से प्रबंध किए गए थे। एसएसपी सहारनपुर दिनेश कुमार प्रभु ने बताया कि जिलाधिकारी अखिलेश सिंह और वह स्वयं सहारनपुर नगर में सभी थाना क्षेत्रो में गए। जहां उन्होने स्थिति पर नजर रखी। निरूद्ध क्षेत्र (रेड जोन) में शामिल सहारनपुर नगर और जिले के प्रमुख कस्बे देवबंद, गंगोह, सरसावा, चिलकाना, बेहट, छुटमलपुर, नानौता, रामपुर मनिहारान, नागल, गागलहेडी, नकुड आदि स्थानों पर मुस्लिमों ने ईद की नमाज घरो पर पढी। कही भी लोगों ने मस्जिदों और ईदगाह की ओर रूख नहीं किया।
सहारनपुर नगर और देवबंद जैसे बडे शहरो में प्रशासन ने लोगो पर ड्रोन कैमरो के जरिए नजर रखी। एसएसपी दिनेश प्रभु के मुताबिक पूरे जिले में ईद का पर्व अमन और शांति के साथ संपन्न हुआ। कही से भी पूर्णबंदी के उल्लंघन किए जाने की खबरे नहीं मिली।
सहारनपुर नगर में स्थिति इस मायने में बेहतर थी कि वहां मिठाई वगैरह की दुकाने खुली।
दारूल उलूम और मुस्लिमो के बडे धार्मिक उलेमाओं ने पहले ही मुसलमानो से ईद की नमाज घरो में रहकर पढे जाने की अपील की थी। जिसका साफ असर दिखा। मोहतमिम अबुल कासिम नोमानी, नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी, जमीयत उलमाएं हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी और राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य महमूद मदनी जैसी बडी शख्सियतो ने भी सामाजिक दूरी का पालन कर आम जन की तरह त्यौहार की रस्में पूरी की। लोग घरो में ही रहे। ईद पर जिले में आमतौर से करीब दो सौ करोड का कारोबार होता था। बडे-बडे दुकानदारों के यहां लाखो कीमत के जूते, चप्पल, कपडे और रेडीमेड गारमेंटस दुकानों में ही धरे रह गए। दर्जी भी हाथ पर हाथ धरे घरो में बैठे रहे। मिठाई का व्यवसाय भी प्रभावित हुआ। इलैक्ट्रानिक्स आईटम और सजावटी सामान के शोरूम भी ग्राहको को तरस गए।

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Prakash Pandey

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