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विख्यात योगाचार्य भारत भूषण ने कोविड-19 का योग के जरिए उपचार खोजा, बोले योग के जरिए संक्रमण तत्काल दूर हो सकता है

योग के जरिए कोविड-19 का हो सकता है सफल उपचार : योगाचार्य भारत भूषण


आज के ही दिन प्रधानमंत्री ने जताया था लोकहित में योग को बहुत ऊंचाई तक ले जाने का संकल्प

सहारनपुर (गौरव सिंघल)। अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति के सहारनपुर के योग गुरु स्वामी भारत भूषण ने कोविड-19 का योग के जरिए सफल उपचार किए जाने का आज दावा किया है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी से आज पूरा विश्व ग्रस्त है। उनकी ओर से इस संकट से उबरने के प्रयास के रूप में योग कैप्सूल तैयार किया गया है। उन्होंने इसकी सफलता का श्रेय चिकित्सा विशेषज्ञो, आयुर्वेदाचार्याे और इस प्रोजेक्ट में शामिल योग विशेषज्ञों के दल को दिया। स्वामी भारत भूषण ने इसं संबंध में कहा कि जब कुछ विशेष होना होता है तो ईश्वर स्वयं ही कोई राह सूझा देते हैं।

उन्होंने कहा कि इस समस्या पर मनन करते हुए उनके मन में एक सहज जिज्ञासा हुई कि जब वैज्ञानिक शोध यह बता रहे हैं कि कोरोना वायरस नाक से ड्रॉपलेट्स यानी छींटे के रूप में निकल कर दूसरों को संक्रमित करता है तो हम इसको इसी माध्यम से ही श्वास के विभिन्न स्तर के दबावो के जरिए भीतर से क्यों नहीं बाहर निकाल सकते हैं ? उन्होंने देखा कि योग के शरीर शोधन की क्रियाओं और प्राणायाम के माध्यम से हम इससे सुरक्षित तो रह ही सकते हैं साथ ही संक्रमित हो जाने की स्थिति में इसे शरीर से निकाल बाहर भी कर सकते हैं, इसलिए कोरोना के बारे में डरने जैसी कोई चीज नहीं है। कोरोना वायरस मृत्यु से ज्यादा प्रभावशाली नहीं है और मृत्यु परमात्मा द्वारा प्रदत्त जिजीविषा से अधिक प्रभावशाली नहीं है। जब हमें वह ही नहीं डरा पाती कोरोना से डर कैसा। वैक्सीन पर हो रहे कुछ शोधों में यह बात प्रकाश में आई है वर्तमान उपलब्ध वैक्सीन अथवा पुराने वायरसों के लिए पहले से उपलब्ध वैक्सीन जिन व्यक्तियों पर प्रयोग कर रहे हैं, वह कहीं हानि प्रद भी हो सकती हैं लेकिन योग एक अत्यंत सुरक्षित उपाय हैं। जिसे हम निश्चिंत होकर अपना सकते हैं। इन यौगिक क्रियाओं से किसी भी प्रकार का कोई नुकसान होने की दूर तक संभावना नहीं है, बल्कि कोरोना मुक्ति के साथ-साथ यह योगाभ्यास हमें सुंदर स्वास्थ्य सुंदर सोच और जीने का सकारात्मक व आनंदमय तरीका भी बोनस में देगा।

योग गुरु के इन प्रयोगों को अंजाम तक पहुंचाने में जाने-माने चिकित्सक डॉ अनिल मालिक, अनिल माथुर, मेडिग्रम के डॉक्टर अजय सिंह, डा शरद अग्रवाल, डॉ अशोक गुप्ता, डॉक्टर मोहन सिंह, वैद्य विनोद गुप्ता, डॉक्टर अनुपम मलिक, डॉक्टर सत्य प्रकाश सैनी व डॉक्टर पीडी गर्ग के साथ साथ योगाचार्य आचार्या प्रतिष्ठा व आहार विज्ञान व योग से गहरे से जुड़ी निष्ठा सारस्वत आदि इस शोध में सहयोग कर रहे हैं। जिससे कि इन यौगिक क्रियाओं की वैज्ञानिक कसौटी पर प्रमाणिकता भी परखी जा सके।
ज्ञातव्य है कि दो वर्ष पहले जब दक्षिण अमेरिकी देश सूरीनाम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर स्वामी भारत भूषण ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व राष्ट्रपति डेजी बौत्रसे समेत विविध राजनयिकों की उपस्थिति में हजारों लोगों को उंगलियों पर हृदय की धड़कन सुनने का अनुभव कराया था उसको भी सार्वजनिक प्रयोग से पहले उन्होंने इन चिकित्सकों की टीम से वैज्ञानिक कसौटी पर परख कर खरा पाया था। योग गुरु स्वामी भारत भूषण का कहना है कि दुनिया को इस महामारी से बचाने के लिए भारत सरकार इस योग प्रोटोकॉल को इस महामारी के साल में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस प्रोटोकॉल के रूप में दुनिया को अनूठी भेंट देकर दुनिया को इस महामारी से बचाने में अपनी बड़ी भूमिका निभा सकती है। जब अरबों की संख्या में लोग ये कोरोना नाशक योग करेंगे तो इससे इस महामारी का अंत निश्चित होगा। स्वामी भारत भूषण ने कहा कि मैं जानता हूं 21 जून को देखते हुए ये समय कम लगता है लेकिन   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की क्षमता पर मुझे विश्वास है, वह समय लेते ही कहां हैं, चाहे सर्जिकल स्ट्राइक हो, चाहे नोटबंदी या फिर दुनिया को अपनी चपेट में लेता सामने दिखा कोरॉना संक्रमण बस तत्काल सही फैसला लेना और उसको लागू कर देना मोदी जी का आत्म विश्वास व उनकी कला है, उन्हें देरी लगती ही कहां है। योग गुरु ने कहा कि कोरोणा के खिलाफ जंग में बड़े और सुरक्षित हथियार के रूप में कोरोना नियंत्रक योग प्रोटोकॉल से इस बार का अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अनूठा सिद्ध हो सकता है। योग गुरु ने आयुर्वेद के सिद्धांत ‘‘सर्व रोगा मलाश्रया‘‘ का उल्लेख करते हुए बताया कि जब योग क्रियाओं से निर्मल किए गए शरीर में कोरोना वायरस को टिकने व पनपने का का अवसर ही नहीं मिलेगा तो वह यहां क्या करेगा, कैसे जिंदा रहेगा ? उसे अपने पनपने की अनुकूल जगह के लिए भागना ही होगा। योग गुरु प्रमुख चिकित्सकों की टीम के साथ पिछले दो महीने से कोरोना वायरस पर कार्य कर रहे हैं जो पूर्णता की ओर है और एक हफ्ते में कोविड-19 का योग प्रोटोकॉल सरकार के हाथों में सौंप दिया जाएगा। बड़ी बात यह है कि इस अध्ययन के लिए हमेशा की तरह उन्होंने कोई सरकारी आर्थिक सहायता नहीं ली है। बल्कि उनका कहना है कि आपदा की घड़ी में यह उनकी व मोक्षायतन से जुड़े अनुभवी चिकित्सकों की ओर से सरकार के साथ एक छोटा सा सहयोग है। उन्होंने बताया कि इस बात को सार्वजनिक करने के लिए उन्होंने आज का दिन इसलिए चुना कि आज ही के दिन देश के योगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भेंट के लिए याद किया था और इस भेंट में प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल में योग को मानव कल्याण के लिए बहुत ऊंचाई तक ले जाने का संकल्प जताया था, तो भला कोविड-19 महामारी से रक्षा के लिए योग प्रोटोकॉल देने के संकल्प की घोषणा का इससे सुंदर दिन भला कौन सा हो सकता था।

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Prakash Pandey

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