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Lock Down 5.0 : मीडिया की हां और गृह मंत्रालय की ना के बीच Lock Down 5.0 भी होगा! जानिए इसके पीछे के चार महत्वपूर्ण कारण

नई दिल्ली. कोरोना वायरस के संकट को देखते हुए लॉक डाउन 5.0 पर चर्चाएं तेज होने लगी है. 5.0 परिचर्चा के बीच गृह मंत्रालय ने इसकी अटकलों पर विराम देने की कोशिश की और कहा कि इस पर कोई मंथन नहीं हुआ है लेकिन कल गृहमंत्री ने विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से लॉक डाउन पर सुझाव मांगे हैं. देश भर में तकरीबन 65 दिनों से देश बंदी चल रही है जिसकी अवधि 31 मई को पूरी हो रही है. कल बृहस्पतिवार को केंद्रीय कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने राज्यों के सचिव के साथ बैठक की जिसके बाद माना जा रहा है कि केंद्र सरकार ने लॉक डाउन को लेकर रणनीति बनानी शुरू कर दी है. यहां यह जानना दिलचस्प है कि गृह मंत्रालय लॉक डाउन को लेकर कोई संकेत नहीं दे रहा है लेकिन देश की वर्तमान परिस्थिति में चार प्रमुख कारण ऐसे हैं जिनके चलते लॉक डाउन बढ़ाए जाने की संभावना अधिक है.

मृत्यु दर बढ़ना

देश में औसतन प्रतिदिन 160 लोग कोरोना वायरस के कारण मौत का शिकार हो रहे हैं. लॉक डाउन 4.0 में 10 दिन में भारत में तकरीबन 16 सौ से अधिक लोगों की मृत्यु हुई जो औसत के हिसाब से 160 के करीब बैठती है. औसत को लॉक डाउन के प्रभावी होने का सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है.

देश के प्रमुख चार राज्य कोरोना के सबसे बड़े शिकार

देश के महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु और दिल्ली कोरोनावायरस के संक्रमण के सबसे बड़े शिकार हैं. यहां मरीजों की संख्या तकरीबन एक लाख से अधिक है. सरकार इन चारों राज्यों के प्रभावी क्षेत्रों को कंट्रोल करने के लिए कोई नया तरीका अपना सकती है. चारों राज्यों में कोरोनावायरस बम फूटा है.

नए मरीजों की बढ़ोतरी सरकार की नई मुश्किल

बिहार, बंगाल, उड़ीसा में लॉक डाउन 4.0 के दौरान मरीजों की संख्या बढ़ी है. स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक बिहार और बंगाल में कोरोनावायरस की रफ्तार तेज हुई है. अभी तक बिहार में 3000 तो पश्चिम बंगाल में 4000 लोग कोरोना वायरस संक्रमण के शिकार हो चुके हैं.यह अलग बात है कि दोनों राज्यों में नए मरीज प्रवासी मजदूर ही हैं.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने प्लान बनाना शुरू किया

राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल एनडीटीवी के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय ने लॉक डाउन 5.0 को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं. किस तरह की रियायतें दी जाएंगी और कहां पर प्रतिबंध जारी रहेगा, इन सभी विषयों पर प्रधानमंत्री कार्यालय में मंथन चल रहा है. ऐसे में माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री 31 तारीख को रेडियो पर अपने महत्वपूर्ण कार्यक्रम मन की बात में इसकी घोषणा कर सकते हैं.

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Prakash Pandey

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